फील्ड और कार्यालय में सर्वाधिक समय देने वाले डीसीपी दीपेंद्र चौधरी कानपुर के पहले आईपीएस

 

सुनील बाजपेई
कानपुर। यहां की कमिश्नरेट पुलिस योगी सरकार की मंशा के अनुरूप कानून और शांति व्यवस्था के पक्ष में अपराधियों के खिलाफ लगातार सफल मोर्चा खोले हुए है ,जिसमें दक्षिणी जिले की पुलिस भी किसी से पीछे नहीं है, जिसका पूर्ण श्रेय पीड़ितों की हर संभव तत्काल सहायता के लिए भी चर्चित अपने कर्तव्य के प्रति निष्ठावान और ईमानदार यहां के तेज तर्रार और व्यवहार कुशल, कठोर परिश्रम वाले डीसीपी साउथ दीपेन्द्र नाथ चौधरी की नेतृत्व कुशलता को ही जाता है, जिसके फल स्वरुप दक्षिण सर्किल में होने वाली हर घटना का न केवल सटीक अनावरण संभव पा रहा है ,बल्कि घटनाओं से संबंधित अपराधियों को जेल की हवा खिलाने में भी लगातार सफलता प्राप्त की जा रही है। मतलब ऐसी कोई घटना नहीं है जिसका सटीक खुलासा करते हुए अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल ना भेजा गया हो।
अवगत कराते चलें कि अपनी अगुवाई वाली साउथ सर्किल में अब तक लगभग सारी घटनाओं का सटीक खुलासा करवाने के साथ ही अब तक दर्जनों शातिरों को जेल की हवा खिला चुके निष्पक्ष और पारदर्शी कार्यशैली के जुझारू तेवरों वाले आईपीएस यहां के दक्षिण के पुलिस उपायुक्त दीपेन्द्र नाथ चौधरी पीड़ितों की शिकायतों के निष्पक्ष और पारदर्शी तथा संतोषजनक निस्तारण में भी अव्वल माने जाते हैं। साथ ही बहुत उल्लेखनीय यह भी कि शांति और कानून व्यवस्था के पक्ष में अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाही के मामले में बहुत कठोर परिश्रमी निर्दोष फंसे नहीं और अपराधी बचे नहीं जैसे लोकहित की प्रबल विचारधारा वाले सरल, शालीन स्वभाव के जुझारू दीपेन्द्र नाथ चौधरी कानपुर में नियुक्त ऐतिहासिक रूप से पहले ऐसे आईपीएस अधिकारी हैं ,जो फील्ड के साथ ही कार्यालय में भी पीड़ितों की समस्याओं के खिलाफ सर्वाधिक समय देते हैं।
और उनके पास जो भी पीड़ित आता है। वह संबंधित समस्या / शिकायत के संतोष जनक त्वरित निस्तारण के फलस्वरूप पूर्ण रूप से संतुष्ट होकर ही जाता है। अगर पुलिस द्वारा पीड़ितों की सहायता की बात करें तो इस संदर्भ में भी आध्यात्मिक दृष्टिकोण जिस आशय की पुष्टि करता है। उसके मुताबिक अगर कोई पीड़ित सहायता के लिए आता है तो इसका मतलब है कि उसके रूप में ईश्वर ,अल्लाह और गॉड ही हमारी ,आपकी या किसी की भी अधिकार सम्पन्नता, सक्षमता और सेवाभाव के प्रति कर्तव्य निष्ठा और ईमानदारी की परीक्षा लेने ही आता है। इस हिसाब से भगवान और भाग्य यानी कर्म भरोसे रहने वाले आईपीएस दीपेन्द्र नाथ चौधरी अपने कर्तव्य पथ पर हर दृष्टिकोण से सफल नजर आते हैं, जो लोक प्रियता के मामले में भी उन्हें लोगों के बीच चर्चा का विषय भी बनाए हुए है।

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