अभया के पिता के खिलाफ कुणाल घोष में दर्ज कराया मानहानि का मामला

आरजी कर मेडिकल कॉलेज की महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या मामले में पीड़िता के पिता के खिलाफ टीएमसी

 

– शुरू से ही टीएमसी पर उठते रहे थे अंगुली, अब लोगों को समझ आ रहा सच्चाई

सिलीगुड़ी:
आरजी कर मेडीकल कॉलेज में महिला डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार और हत्या के मामले में अब सत्ता धारी तृणमूल कांग्रेस और पीड़िता के पिता के बीच तलवारें खिंचती जा रही हैं। टीएमसी के महा सचिव कुणाल घोष ने रेप पीड़िता के पिता के ऊपर मान हानि का मुकदमा दर्ज कराया है। घोष ने यह मुकदमा पीड़ित परिवार के उस दावे के बाद किया है, जिसमें परिवार ने दावा किया था कि घोष ने पैसे लेकर मामला रफा-दफा करने के लिए सीबीआई और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी दावा किया कि इस समझौते को पूरा पक्का करने के लिए घोष सीबीआई दफ्तर भी गए थे।
टीएमसी महा सचिव की तरफ से दायर किए गए इस मानहानि मुकदमे पर पीड़िता के पिता का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा, “हम उन्हें (कुणाल घोष) को महत्व नहीं देना चाहते। न्याय मिलने तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी। उनके केस का नोटिस मिलने के बाद हमारे वकील उसका जवाब देंगे।”
आपको बता दें कि पीड़िता के पिता की तरफ से यह आरोप लगाए जाने के बाद घोष ने एक हफ्ते पहले पत्र लिखकर माफी की मांग की थी। लेकिन ऐसा न होने की स्थिति में उन्होंने मान हानि का मुकदमा दायर कर दिया। घोष ने कहा, “मुझे पीड़ित परिवार के साथ पूरी सहानुभूति है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम किसी का नाम लेकर ऐसी बात कह दें, जो कि जरा भी सच नहीं है। मैंने मान हानि का मुकदमा दायर किया है। अब उन्हें अदालत में अपने आरोप साबित करने होंगे।
11 अगस्त को सोशल मीडिया साइट पर लिखे एक पोस्ट में कुणाल ने पीड़िता के पिता के आरोपों को खारिज किया था। उन्होंने लिखा, “पीड़िता के पिता का कहना है कि सीबीआई ने पैसे लिए और कुणाल घोष सीजीओ कॉम्प्लेक्स में उनके साथ समझौता करके आया है। वह झूठ और ड्रामे की सारी हदें पार कर रहे हैं। मैं एक ऐसे पिता का दर्द समझता हूं, जिसने अपनी बेटी खो दी है। लेकिन इससे उन्हें कुछ भी कहने का अधिकार नहीं मिल जाता। किसके कहने पर और किस जानकारी के आधार पर आपने (पीड़िता के पिता) ने मेरे ऊपर इस तरह के झूठे आरोप लगाए?” गौरतलब है कि इससे पहले पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया था कि सीबीआई जांच में समझौता किया गया है। उन्होंने कहा, “सीबीआई अधिकारियों ने मुझसे कहा है कि वह इस मामले को छोड़ देंगे। मैंने उनसे कहा कि मुझे यह सब कहने की बजाए आप अदालत में कहें। हमारा मानना है कि सीबीआई ने राज्य सरकार से पैसे लिए हैं। कुणाल घोष कोलकाता के सीजीओ कॉम्पेलेक्स गए और राज्य सरकार की ओर से समझौता किया।पीड़िता के पिता ने कहा, “हम अपनी बेटी के लिए न्याय मांगने से पीछे नहीं हटेंगे। तृणमूल कांग्रेस सरकार बार-बार हमें न्याय पाने की कोशिश करने से रोक रही है। इस बार, तृणमूल कांग्रेस के महा सचिव कुणाल घोष ने एक निसंतान पिता के ऊपर कानूनी कार्रवाई की है। हालांकि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, हम तब भी न्याय के लिए लड़ेंगे। कुणाल घोष के खिलाफ भी कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।

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