झारखंड राज्यसभा चुनाव में हार ने खोली पोल
इंडिया गठबंधन में गहरी हुई अंदरूनी कलह
विशेष संवाददाता
नई दिल्ली। झारखंड में राज्यसभा चुनाव में मिली हार के बाद इंडिया गठबंधन में आरोप.प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया हैए जिससे गठबंधन के भीतर के गहरे राजनीतिक मतभेद उजागर हुए हैं। कांग्रेस ने हार के लिए राजद और सीपीआई-एमएल को दोषी ठहराया, जबकि इन दलों ने आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस पर ही आत्म.मंथन करने का दबाव डाला है, जिससे झारखंड की राजनीति में तनाव बढ़ा है।
विधानसभा में सत्ताधारी गठबंधन के पास संख्या बल होने के बावजूद राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को मिली करारी हार ने कांग्रेस, राजद और सीपीआई-एमएल नेताओं के बीच आरोप.प्रत्यारोप का दौर शुरू कर दिया है। राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने झारखंड में इंडिया गठबंधन के भीतर मौजूद अंदरूनी मतभेदों को उजागर कर दिया है। चुनाव से पहले ही उम्मीदवार चुनने और राजनीतिक तालमेल को लेकर राजद और कांग्रेस के बीच मतभेद साफ़ हो गए थे, और अप्रत्याशित नतीजों ने गठबंधन सहयोगियों के बीच रिश्तों में और तनाव पैदा कर दिया है तथा अविश्वास को और बढ़ा दिया है।
झारखंड कांग्रेस के प्रभारी के राजू ने आरोप लगाया कि जीएमएम ने कांग्रेस उम्मीदवार को पूरा समर्थन दिया, फिर भी राजद और सीपीआई-एमएल ने गठबंधन के साथ धोखा किया। के राजू ने कहा कि हमें कांग्रेस के सभी 16 वोट और जीएमएम से चार अतिरिक्त वोट मिले, जिससे हमारी कुल संख्या 20 हो गई। हालाँकि, यह नतीजा राजद और जीएमएम की धोखेबाज़ी का नतीजा है। राजू के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुएए त्श्रक् ने कांग्रेस प्रभारी के बयान की कड़ी निंदा की और इसे घटिया मानसिकता का प्रतीक बताया।
राजद विधायक और मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि राजद कांग्रेस की तरह धोखेबाज़ नहीं है और उसकी अपनी अलग पहचान है। यादव ने कहा कि मुझे अच्छी तरह पता है कि किसके कहने पर के. राजू राजद विधायकों पर ये आरोप लगा रहे हैं। उन्हें यह भी अच्छी तरह पता है कि कांग्रेस के कौन से विधायक दूसरी राजनीतिक पार्टियों के दरवाज़े खटखटाने के बाद पार्टी में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि राजद अपनी नीतियों और नियमों के अनुसार काम करती हैय पार्टी के विधायकों के सभी चार वोट कांग्रेस को गए।
यादव ने सवाल उठाया कि राजूकृजो अपने ही विधायकों के लगातार संपर्क में थे यह कैसे नहीं देख पाए कि असल में अंदर क्या हो रहा था। राजद के महासचिव भोला यादव ने भी कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राजनीति में राजद कांग्रेस पर निर्भर नहीं है। भोला यादव ने कहा कि कांग्रेस को बयान देने से पहले सोचना चाहिए दूसरों पर आरोप लगाने से पहले पार्टी को गंभीरता से आत्म.मंथन करने की ज़रूरत है। सीपीआई-एमएल ने भी कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।


