सतत जागरूकता से ही किया जा सकता बीमारियों का खात्मा डॉ. सहर अफ़रोज़

जी.डी कॉलेज के सेहत केंद्र व राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से व्होल बॉडी चेकअप शिविर आयोजित

 

नन्दकिशोर दास

बेगूसराय ब्यूरो। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग काम और जिम्मेदारियों में इतने व्यस्त हो गए हैं कि अक्सर अपनी सेहत की अनदेखी कर देते हैं। छोटी-छोटी परेशानियों को लोग नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही लापरवाही कभी-कभी गंभीर बीमारियों का कारण बन जाती है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए जी.डी कॉलेज के सेहत केंद्र व राष्ट्रीय सेवा योजना के द्वारा व्होल बॉडी चेकअप शिविर लगाया। जहां जांच के उपरांत चिकित्सकों के द्वारा उचित परामर्श भी दिया गया। कॉलेज के प्रोफेसर व अध्ययनरत छात्र सहित 300 से ज्यादा लोगों ने जांच शिविर में जांच करवाया। साथ ही इंटेंसिफाइड कैंपेन के अंतर्गत एच.आई.वी व एड्स से संबंधित जागरूकता अभियान के तहत लोगों को इसके बारे में विस्तृत से बताया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व कर रही सेहत केंद्र की नोडल ऑफिसर सह राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. सहर अफ़रोज़ ने कहा कि सम्पूर्ण बॉडी चेकअप यानी एक ऐसा स्वास्थ्य परीक्षण, जिसमें शरीर के लगभग सभी महत्वपूर्ण अंगों और सिस्टम की जांच की जाती है। इसमें खून की जांच, शुगर, लिवर फंक्शन, किडनी फंक्शन, हार्ट प्रोफाइल, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, थायरॉइड, एक्स-रे, ईसीजी और अन्य जरूरी टेस्ट शामिल होते हैं। यह जांच शरीर की वर्तमान स्थिति का पूरा आकलन देती है और छुपी हुई बीमारियों का शुरुआती स्तर पर ही पता चल जाता है। कार्यक्रम पदाधिकारी दिनेश कुमार ने कहा कि बीमारियां धीरे-धीरे बिना किसी लक्षण के शरीर को प्रभावित करती हैं। डायबिटीज, हृदय रोग, कैंसर, ब्लड प्रेशर और किडनी की समस्या जैसी कई बीमारियां जब तक सामने आती हैं, तब तक काफी गंभीर हो चुकी होती हैं। लेकिन यदि नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच कराई जाए तो इन बीमारियों को समय रहते पकड़कर इलाज शुरू किया जा सकता है। मौके पर मौजूद डॉक्टरों ने कहा कि 30 वर्ष की उम्र पार करने के बाद हर व्यक्ति को साल में कम से कम एक बार सम्पूर्ण स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए। वहीं, जिन लोगों को पहले से कोई बीमारी है या पारिवारिक इतिहास में डायबिटीज, हार्ट अटैक, हाई बीपी जैसी समस्याएं रही हैं, उन्हें यह जांच और भी नियमित रूप से करानी चाहिए।पियर एडुकेटर सुमित कुमार ने कहा कि ससमय जांच करवाने के बाद छुपी हुई बीमारियों का समय रहते पता चलता है। जिस कारण जीवनशैली सुधारने में मदद मिलती है व सही समय पर उचित डॉक्टरीय परामर्श से सही समय पर उचित सलाह और इलाज होने पर गंभीर रोगों से बचाव होता है। साथ ही मानसिक शांति मिलती है कि शरीर स्वस्थ है। स्वयंसेवक नीतीश कुमार व अजित कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है। यदि शरीर स्वस्थ रहेगा तो जीवन का हर क्षेत्र सफल होगा। इसलिए यह जरूरी है कि हम समय-समय पर व्होल बॉडी चेकअप कराते रहें। यह न केवल हमें बीमारियों से बचाता है बल्कि जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाता है।कार्यक्रम को सफल बनाने में पियर एडुकेटर सुमित कुमार, नीतीश कुमार, अजित कुमार, मंचन, गुलशन, विक्रम राठौड़, यासमीन, फलक की भूमिका सराहनीय रही।

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