बिहार की धरती मातृशक्ति के गौरव की प्रतीक : डॉ. प्रेम कुमार

 

_रमेश ठाकुर – पटना स्थित रविंद्र भवन में भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा द्वारा आयोजित मातृशक्ति आभार कार्यक्रम में बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने सहभागिता की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता, सामाजिक प्रतिनिधि एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि माँ केवल एक शब्द नहीं, बल्कि संपूर्ण सृष्टि की आधारशिला है। माँ ही प्रथम गुरु, प्रथम विद्यालय और प्रथम संस्कारशाला होती है, जहाँ से मानव जीवन की यात्रा आरंभ होती है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण में माँ के त्याग, तपस्या, प्रेम और संस्कार की भूमिका अमूल्य होती है।

डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि माँ बिना किसी अपेक्षा और स्वार्थ के अपना संपूर्ण जीवन संतान के लिए समर्पित कर देती है। माँ की ममता की न कोई सीमा है और न ही कोई तुलना। उन्होंने प्राचीन उक्ति “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” का उल्लेख करते हुए कहा कि माँ और मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर हैं।

उन्होंने कहा कि आज के भागदौड़ और भौतिकतावादी जीवन में मानवीय संवेदनाएँ, पारिवारिक मूल्य और मातृ सम्मान कहीं न कहीं क्षीण हो रहे हैं। ऐसे समय में मातृ आभार जैसे कार्यक्रम समाज को यह स्मरण कराते हैं कि माँ के प्रति कृतज्ञता केवल एक दिन की भावना नहीं, बल्कि जीवन भर निभाया जाने वाला कर्तव्य है।

माननीय अध्यक्ष ने कहा कि माँ न केवल जीवन देती है, बल्कि संस्कार प्रदान करती है, संघर्ष की शिक्षा देती है और विपरीत परिस्थितियों में भी मजबूती से खड़े रहने की प्रेरणा देती है। समाज, राज्य और राष्ट्र के निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सुसंस्कृत और सशक्त माँ ही सशक्त परिवार, समाज और राष्ट्र का निर्माण कर सकती है।

उन्होंने कहा कि बिहार की धरती सदैव मातृशक्ति के सम्मान और गौरव की प्रतीक रही है और इस गौरवशाली परंपरा को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है। माताओं का सम्मान, उनकी शिक्षा, सुरक्षा और स्वावलंबन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. प्रेम कुमार ने महिला मोर्चा एवं आयोजकों को इस सार्थक आयोजन के लिए धन्यवाद दिया और समस्त मातृशक्ति के प्रति नमन करते हुए माँ के त्याग, प्रेम और सम्मान को सदैव बनाए रखने का संकल्प व्यक्त किया।

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