चुनाव आयोग पर बरसे फिरहाद हकीम: कहा- “आयोग बन गया है भाजपा का गुलाम”, ‘स्वास्थ्य साथी’ और ‘आयुष्मान भारत’ पर भी दी चुनौती
अजित प्रसाद, विशेष संवाददाता,कोलकाता : चेतला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंत्री फिरहाद हकीम ने चुनाव आयोग (Election Commission) और केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाएं अपनी निष्पक्षता खो चुकी हैं और भाजपा के इशारे पर काम कर रही हैं।चुनाव आयोग पर तीखा हमला:फिरहाद हकीम ने कहा, “एक राजनीतिक दल के रूप में हमारा काम त्रुटियों को उजागर करना है। लेकिन आज चुनाव आयोग पूरी तरह से भाजपा का ‘दलदास’ (गुलाम) बन चुका है। आयोग भाजपा की भाषा में हमें धमका रहा है। जब हम तार्किक सवाल पूछते हैं, तो संवैधानिक संस्थाओं को जवाब देना चाहिए, न कि डराना चाहिए।”स्वास्थ्य योजनाओं पर तुलना करते हुए उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी की सरकार जनता द्वारा चुनी गई सरकार है और वही तय करेगी कि जनहित में कौन से प्रकल्प चलेंगे। हमारी ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना सभी के लिए है, जबकि केंद्र की ‘आयुष्मान भारत’ योजना पूरी तरह से विफल साबित हुई है।” उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि हम अपने हक के लिए आखिरी दम तक लड़ेंगे।वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर हकीम ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “आयोग के नोटिफिकेशन में कई नाम काट दिए गए हैं। मैं क्यों साबित करूँ कि मैं भारतीय हूँ? यह साबित करना आपका काम है कि मैं भारतीय नहीं हूँ।”क्रिकेट और कूटनीति में सांप्रदायिकता को घसीटने पर नाराजगी जताते हुए फिरहाद ने कहा, “आजकल हर चीज में सांप्रदायिकता खोजी जा रही है। अगर विदेश मंत्री एस. जयशंकर कहीं जाते हैं, तो क्या वे ‘गद्दार’ हो जाते हैं? आईपीएल जैसे खेलों में भी राजनीति करना गलत है।” उन्होंने अंत में जोर देकर कहा कि आज के समय में केवल गांधीवादी नीतियां ही एकमात्र विकल्प हैं।



