*न्याय नहीं मिला तो आंदोलन नहीं रुकेगा” — बांग्लादेश मुद्दे पर हावड़ा ब्रिज के पास उग्र प्रदर्शन,
प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस से झड़प
अजित प्रसाद, विशेष संवाददाता कोलकाता :
बांग्लादेश में दीपु दास की मौत को लेकर विरोध की लहर बुधवार को हावड़ा ब्रिज तक आ पहुंची। भारतीय जनता पार्टी के आह्वान पर पुल अवरोध कार्यक्रम को लेकर सुबह से ही इलाके में भारी तनाव फैल गया। हावड़ा ब्रिज पर चढ़ने से पहले ही पुलिस ने जुलूस को रोक दिया, जिसके बाद हालात तेजी से बिगड़ गए।
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। जोरदार नारेबाजी, सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इसका सीधा असर यातायात पर पड़ा और हावड़ा ब्रिज के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण था, लेकिन पुलिस ने जबरन उसे रोकने की कोशिश की। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को घेर लिया, जिससे तनाव और बढ़ गया। आगे बढ़ने की कोशिश करते ही स्थिति पूरी तरह बेकाबू हो गई और दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प शुरू हो गई।
उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश के मयमनसिंह में दीपु दास की मौत के बाद से ही देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। मंगलवार को कोलकाता में बांग्लादेश उपदूतावास घेराव के दौरान भी भारी तनाव देखा गया था। उसी क्रम में बुधवार का यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप में सामने आया।
इस बीच नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी का बयान भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा था, “अगर बातचीत से समाधान नहीं हुआ तो सड़क ही जवाब देगी। सामान्य कामकाज नहीं होने दिया जाएगा।” उनके इस बयान के बाद भाजपा के आंदोलन और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, संभावित स्थिति को देखते हुए पहले से ही हावड़ा ब्रिज और आसपास के इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। बावजूद इसके, जुलूस के आगे बढ़ने से हालात बिगड़ गए। पुलिस का आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने उन पर हमला करने की कोशिश की, जिसके बाद उन्हें तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।
इस पूरे घटनाक्रम से आम लोगों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ऑफिस जाने वाले लोग लंबे समय तक जाम में फंसे रहे और हावड़ा ब्रिज के दोनों छोर पर काफी देर तक यातायात ठप रहा।
बांग्लादेश मुद्दे पर भाजपा नेतृत्व ने साफ संकेत दिया है कि विरोध अभी थमने वाला नहीं है। उनका स्पष्ट संदेश है—“जब तक न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन नहीं रुकेगा।”




