पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था ध्वस्त, इसलिए ‘गुंडा दमन बिल’ पास होना जरूरी: सांसद काकली घोष दस्तीदार
सिलीगुड़ी/कोलकाता : एनसीपीआई (NCPI) की सांसद काकली घोष दस्तीदार ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार द्वारा लाए गए नए विधेयक का पुरजोर समर्थन किया है। सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में ‘गुंडा दमन बिल’ (पश्चिम बंगाल जन सुरक्षा और असामाजिक गतिविधि नियंत्रण विधेयक, २०२६) पारित किए जाने के बीच उनका यह बयान सामने आया है। इस बिल को लेकर सत्तापक्ष का दावा है कि इसके जरिए राज्य में अमन-चैन और कानून का राज वापस लाना संभव होगा।बागडोगरा एयरपोर्ट पर दिया बयान सोमवार को उत्तर बंगाल के पहाड़ी इलाके (पहाड़) के दौरे पर जाते समय सिलीगुड़ी के बागडोगरा हवाई अड्डे पर उतरीं सांसद काकली घोष दस्तीदार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “पश्चिम बंगाल में पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान जिस तरह का ‘थ्रेट कल्चर’ (डराने-धमकाने की संस्कृति) पनपा था और ‘अभया कांड’ जैसी दिल दहला देने वाली घटनाएं घटी थीं, उसे देखते हुए यह बिल बेहद महत्वपूर्ण और समय की मांग है। मुझे पूरी उम्मीद है कि इस बिल को विधानसभा में सर्वसम्मति से पास कराया जाएगा।”एनसीपीआई और सत्तापक्ष ने बताया जरूरीसांसद ने साफ कहा कि राज्य में फिलहाल कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है, इसलिए ऐसे कड़े कानून की सख्त जरूरत थी। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा लाए गए इस नए कानून के तहत असामाजिक गतिविधियों में शामिल रहने वाले अपराधियों और गुंडों के खिलाफ बिना ट्रायल के एक साल तक प्रिवेंटिव डिटेंशन (निवारक नजरबंदी) और जिला बदर करने जैसे कड़े प्रावधान किए गए हैं, जिसका सत्तापक्ष और एनसीपीआई ने स्वागत किया है।




