राजस्थान के लेखक भारत दोसी से राजीव कुमार झा की बातचीत!

साहित्य: साक्षात्कार

 

प्रश्न: कहानी लेखन से आपका विशेष लगाव है। अपनी कहानियों की विषय और उनमें
समाहित संवेदना के बारे में क्या कहना चाहेंगे?

उत्तर : मैं जिस क्षेत्र में रहता हूं वहां 80 फ़ीसदी आबादी आदिवासियों की है जिन पर बहुत कम लिखा गया है ऐसे में मैंने आंचलिक कहानी लिखना प्रारंभ किया जिसमें उनके जीवन की समस्याएं, नवाचार, बदलाव आदि को रेखांकित किया. वैसे भी कहानी अपने वक्त को, देशकाल, वातावरण को व्यक्त करती है तभी अच्छी लगती है .कथा वस्तु का चयन कहानी को यथार्थवादी बनाने के लिए बहुत जरूरी साथ ही सामाजिक समस्याओं को उठाने वाली कहानियां ही पाठकों में अपनी पहचान बन सकती है.

प्रश्न: समाज में साहित्य के प्रचार-प्रसार की दृष्टि से सोशल मीडिया की भूमिका के बारे में क्या कहना चाहेंगे?

उत्तर: माध्यम बदलने का साहित्य पर कोई गहरा प्रभाव नहीं होता पहले प्रिंट मीडिया के माध्यम से साहित्यकार अपनी बात प्रस्तुत करते थे अब भी कर रहे हैं लेकिन अब इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया का जमाना है जहां पढ़ने से ज्यादा सुनने का दौरा आ गया है. यह माध्यम का परिवर्तन साहित्य के लिए सुखद है लोगों तक अपनी बात पहुंचाने का अच्छा तरीका है. फिर इसमें कार्ड चार्ट की संभावना है कम होती है इससे रचनाकार की बात भावपूर्ण तरीके से पहुंच जाती है.

प्रश्न: साहित्य में गांधी जी के आदर्श और विचारों को आधार बनाकर लेखन करने की प्रवृत्ति से वर्तमान लेखक दूर क्यों दिखाई देते हैं?

उत्तर: महात्मा गांधी स्वयं अच्छे लेखक थे उससे भी बड़े दार्शनिक थे उन्होंने भले ही कुछ नया नहीं कहा लेकिन सत्य अहिंसा सत्याग्रह को पुनर्स्थापित किया. भले ही आज के लेखक उनको संदर्भित करके कम लिख रहे हैं लेकिन उनको बड़ी संख्या में पढ़ा जा रहा है क्योंकि 2014 के बाद से कुछ वातावरण में बदलाव आया है, नकारात्मकता कुछ ज्यादा आई है ,वितांडवाद बहुत ही ज्यादा हो गया है ऐसे में अनेक लोग गांधी की चर्चा करने से बचते हैं लेकिन इस देश में कभी भी गांधी अप्रासंगिक नहीं होंगे. आजादी की पूर्व और पश्चात का साहित्य देखें तो गांधी, गांधी दर्शन के बिना वह अधूरा सा लगता है गांधी के दर्शन की चर्चा करने पर कुछ रचनाकारों ट्रॉल होने का भी डर सताता है लेकिन हम जैसे गांधी दर्शन के अनुयाई भारतीय मूल्यों, नैतिकता, आदर्शवादी, सच्चाई को स्थापित करने के प्रयास में लगे हैं और गांधी इसके लिए अच्छे रोल मॉडल है.

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संक्षिप्त परिचय
नाम – भारत दोसी
पिताजी का नाम- चांदमल दोसी
मां का नाम- सौभाग्यवती दोसी
मोबाइल नंबर 97994 67007
58/5 मोहन कॉलोनी, बांसवाड़ा राजस्थान
जिलाध्यक्ष, प्रगतिशील लेखक संघ
साहित्यिक उपलब्धियां
प्रकाशित कृतियां-
1. 200 प्रश्न-उत्तर में गांधीजी का व्यक्तित्व और कृतित्व
2. महूडी (ग्रामीण जीवन की कहानीया)
3. कितने में दोगे मोक्ष (कहानी संग्रह)
4. गांधीजी ने संभव किया
5.महामना सावित्री ज्योति फुले
6. कड़वे गुलाब जामुन (बाल कहानी संग्रह)
7. भारत के गांधी
8. इसलिए वे राष्ट्रपिता है
सम्मान
* राजस्थान सरकार ने प्रदान किया गांधी सद्भावना सम्मान 2023
*अवध साहित्य अकादमी सम्मान
*महात्मा गांधी जीवन दर्शन एवं सत्याग्रह शताब्दी प्रदर्शनी समिति द्वारा प्रशस्ति पत्र
*खाद्य एवं नागरिक परिषद विभाग द्वारा प्रशस्ति पत्र *हिंदी सेवक सम्मान
*साहित्य मंडल नाथद्वारा द्वारा बाल साहित्य भूषण उपाधि पत्र
dosi.bharat@gmail.com

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