पटना में नया सर्किल रेट लागू

बोरिंग रोड और गांधी मैदान में 2.5 करोड़ रुपये कट्ठा

-पुराने बाइपास और विकसित हो रहे इलाकों को झटका
भारत पोस्ट संवाददाता
पटना। पटना में जमीन रजिस्ट्री के लिए नया सर्किल रेट ;एमवीआर. लागू कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने नई गाइडलाइन जारी करते हुए जमीनों की सरकारी कीमतों में बढ़ोतरी की है। नई दरें शुक्रवार से प्रभावी हो गई हैं। अब पटना के कई प्रमुख इलाकों में जमीन खरीदने पर लोगों को पहले के मुकाबले ज्यादा स्टांप शुल्क और रजिस्ट्री शुल्क देना होगा।
नई व्यवस्था के तहत जमीनों को अलग.अलग श्रेणियों में बांटा गया है। इसमें आवासीय, व्यावसायिक, मिश्रित उपयोग, कृषि, औद्योगिक और अन्य श्रेणियां शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि अब जमीन के वास्तविक उपयोग के आधार पर मूल्य तय होगा। इससे मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
नई दरों के अनुसार गांधी मैदान. बोरिंग रोड, डाकबंगला, फ्रेजर रोड और एग्जीबिशन रोड पटना के सबसे महंगे इलाके बन गए हैं। इन क्षेत्रों में प्रति कट्ठा जमीन का न्यूनतम बाजार मूल्य बढ़कर 2.50 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। लगातार बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों और ऊंची मांग को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
पुराने बाइपास और तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में भी एमवीआर बढ़ाया गया है। इसका सीधा असर जमीन खरीदने वालों पर पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में पहले से चल रही ऊंची कीमतों को अब सरकारी दरों में भी शामिल कर लिया गया है। राज्य सरकार ने शहरी क्षेत्रों की जमीन को छह अलग.अलग श्रेणियों में वर्गीकृत किया है। इसमें मुख्य सड़क की व्यावसायिक और आवासीय भूमिए शाखा सड़क, औद्योगिक भूमि, गलीनुमा सड़क की भूमि और कृषि भूमि शामिल हैं। वहीं ग्रामीण इलाकों में जमीन को व्यावसायिक, औद्योगिक, आवासीय, सिंचित, असिंचित और बलुआही श्रेणियों में बांटा गया है।
नई अधिसूचना के अनुसार सामान्य मामलों में जमीन रजिस्ट्री पर 7 प्रतिशत स्टांप शुल्क देना होगा। अगर कोई पुरुष किसी महिला के नाम संपत्ति रजिस्ट्री करता है, तो स्टांप शुल्क 6.6 प्रतिशत लगेगा। यानी 0.4 प्रतिशत की छूट मिलेगी। दान के मामलों में भी यही व्यवस्था लागू रहेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button