आईआईटी-जेईई और एनईईटी की तैयारी करा रहे कुछ कोचिंग सेंटरों को नोटिस

डॉ.समरेन्द्र पाठक
वरिष्ठ पत्रकार

नयी दिल्ली, 17 अप्रैल 2025 उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने आईआईटी-जेईई और एनईईटी की तैयारी करा रहे कुछ कोचिंग सेंटरों को नियमों के उल्लंघन करने के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए कोचिंग सेंटरों को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और कोचिंग क्षेत्र में भ्रामक विज्ञापनों की रोकथाम के लिए दिशानिर्देश- 2024 का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार प्राधिकरण ने स्पष्ट रूप से कहा है, कि उनके प्रस्तुतीकरण सटीक तथा स्पष्ट हों और भ्रामक दावों या उपभोक्ताओं से महत्वपूर्ण जानकारी छिपाने से मुक्त हों। इसके साथ ही कोचिंग सेंटरों को सफलता की गारंटी का आश्वासन देने से बचना चाहिए। कोचिंग सेंटरों को अपने विज्ञापनों में छात्र का नाम, रैंक, कोर्स का प्रकार और कोर्स के लिए भुगतान किया गया था या नहीं, सहित प्रमुख विवरणों का स्पष्ट रूप से खुलासा करना चाहिए।

निर्देश में कहा गया है,कि उपभोक्ताओं को गुमराह न किया जाए, यह सुनिश्चित करने के लिए अस्वीकरण को अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं के समान फ़ॉन्ट आकार में प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाना चाहिए।आईआईटी-जेईई और एनईईटी जैसी परीक्षाओं के परिणामों की हाल ही में घोषणा के बाद सीसीपीए ने पाया कि कोचिंग सेंटर, कोचिंग क्षेत्र में भ्रामक विज्ञापनों की रोकथाम के लिए दिशानिर्देश-2024 का पालन नहीं कर रहे हैं।

अधिनियम और दिशानिर्देशों के उल्लंघन को ध्यान में रखते हुए सीसीपीए ने हाल ही में निम्नलिखित मुद्दों पर कुछ कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी किए हैं: –

प्लेसमेंट/चयन की गारंटीजेईई/एनईईटी में रैंक का आश्वासन उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन
भ्रामक विज्ञापन और अनुचित व्यापार प्रथाएं जिसमें वादा की गई सेवाएं प्रदान न करना, प्रवेश रद्द करना,लेकिन शुल्क वापस न करना, सेवा में कमी, शुल्क का आंशिक/अधिशुल्क वापस न करना शामिल है।यह भी कहा गया है,कि उपर्युक्त दावे और प्रथाएं उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा-2(28) और 2(47) तथा कोचिंग क्षेत्र में भ्रामक विज्ञापन की रोकथाम के लिए दिशानिर्देश, 2024 सहित अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन हैं।

कोचिंग सेक्टर में भ्रामक विज्ञापनों की रोकथाम के लिए दिशा-निर्देश- 2024 गत वर्ष 13 नवंबर को जारी किया गया था। ये दिशा-निर्देश कोचिंग सेंटरों को अपनी सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए झूठे या भ्रामक दावे/विज्ञापन करने और भ्रामक या अनुचित व्यवहार करने से रोकते हैं।

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