सीआरपीएफ और बिहार में नक्सलवाद का शांतिपूर्ण समाधान
महिला नक्सलियों को गिरफ्तार करके जेल में बंद किया जाना चाहिए।
राजीव कुमार झा
नक्सली हमारे देश में गुमराह तबकों के लोगों में शामिल हैं और देश के अत्यंत गरीब पिछड़े राज्यों के निर्धन विपन्न सुदूर इलाकों में शोषण उत्पीड़न से नक्सलवाद से लोगों का जुड़ाव कायम हुआ है। आजकल देश में गृहमंत्रालय के निर्देश पर आंध्र प्रदेश में नक्सलवाद के सफाए में सरकार जुटी है। वहां इसके तहत काफी महिला नक्सलियों को सुरक्षा बलों ने किसी जंगल के पहाड़ पर जाकर ढेर कर दिया है। बिहार में नीतीश कुमार की सरकार ने नक्सलवाद को शांतिपूर्ण तौर तरीकों से नियंत्रित करके सारे देश के सामने आदर्श रखा है और केन्द्र सरकार को भी नक्सलवाद को लेकर मिशन बिहार को जानने समझने की कोशिश में जुटना चाहिए। महिला नक्सलियों को गोलियों से भून डालने का निर्णय अनुचित है। इनमें ज्यादातर महिलाएं आदिवासी हैं। इनको गिरफ्तार करके जेल में जीवन सुधार की राह पर लाना श्रेयस्कर होगा। छत्तीसगढ़ और आंध्रप्रदेश बिहार की तरह से देश के पिछड़े राज्य हैं और यहां नक्सलवाद जंगली और पहाड़ी क्षेत्रों में फैला हुआ है। नक्सली अब
लेवी वसूलते हैं और विकास कार्यों में भी अवरोध कायम करते हैं। नक्सली को देश के जनजीवन की मुख्य धारा में शामिल करना आसान है और राष्ट्रीय स्तर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में नक्सलवाद उन्मूलन समिति का गठन किया जाना चाहिए। बिहार में लालू प्रसाद के जमाने में नक्सलवाद यहां काफी फ़ैल गया था और नक्सलियों ने ऊंची जाति के जमींदार सामंत तबकों के लोगों से विवाद कायम कर रखा था। उस दौरान बिहार में काफी नरसंहार और खून खराबा हुआ। लालू प्रसाद के शासन की समाप्ति के बाद नीतीश कुमार ने बिहार में नक्सलवाद को शांतिपूर्ण तौर तरीकों से समाधान की राह दिखाई और यहां ज्यादातर नक्सलियों को पकड़ लिया गया है और इसके लिए राज्य सरकार ने काफी धैर्य से काम लिया है। बिहार में कुछ नक्सलियों को पकड़ने में बिहार पुलिस को दस – दस साल इंतजार करना पड़ा है। झारखंड के नक्सलवाद में भी मुख्यत: आदिवासी शामिल हैं इसलिए वहां झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व में गठित आदिवासी सरकार के लिए नक्सलवाद उन्मूलन के प्रति आक्रामक रवैया अख्तियार करना कभी संभव नहीं हो पाया। झारखंड सरकार ने भी शांति और संयम की राह पर चलते नक्सलवाद को खत्म करने में जुटी है। छत्तीसगढ़ और आंध्रप्रदेश की सरकार को भी नक्सलवाद उन्मूलन के बिहार माडल को अपनाना होगा और इन राज्यों में विकास कार्य की तरफ भी सरकार को ध्यान देना होगा तभी गरीब निर्धन तबकों के लोगों में सरकार के प्रति विश्वास कायम होगा।



