केदारनाथ मिश्र प्रभात की जयंती के अवसर पर काव्य गोष्ठी का आयोजन!
राजीव कुमार झा
हिंदी साहित्य के कालजयी महाकवि केदारनाथ मिश्र प्रभात की जयंती विशेष का आयोजन फाउंडेशन के फेसबुक पेज पर सफलता पूर्वक संपन्न हुआ ।जिसमें हिंदी साहित्य के मान्य कविगण और कवयित्रियों ने महाकवि की प्रकाशित एवं अप्रकाशित रचनाओं को श्रोताओं के रूबरू पाठ कर उन्हें सच्ची स्मृतांजलि अर्पित की!
इस आयोजन में अथिति विदुषियों और कवियों ने पाठकों तथा प्रबुद्ध साहित्यकारों से निवेदन किया कि उन्हें विरासत में मिले इस धरोहर को समेटना और वर्तमान पीढ़ियों को इसके पठन पाठन में रुचि लेने को प्रोत्साहित करना कर्तव्य समझना चाहिए! वंदना बाजपेयी ने महाकवि प्रभात की अत्यंत महत्वपूर्ण कृति के प्रथम सर्ग का पाठकर कैकेयी की अंतर्वेदना का जो चित्र खींचा वह मंच पर अद्भुत रहा ।डॉ उमाशंकर ने राष्ट्र प्रेम पुस्तक की कविताओं को पढ़कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए श्रोताओं को निश्चय ही विश्वास दिला दिया होगा कि प्रभात जी “ राष्ट्रकवि कहलाने योग्य हैं! मंच पर हिंदी के अन्य वरिष्ठ एवं प्रसिद्ध कविगणों में सुमेधा पाठक,अशोक लव, केकी कृष्ण,, नूतन पांडे सुषमा तिवारी आज के उभरते युवा कवि नवनीत कुमार आदि ने प्रभात जी श्रद्धांजलि विशेष में उनकी ज्वाला, राष्ट्रपुरुष, सर्गाँत तथा कलापिनी एवं कुछ अप्रकाशित रचनाओं में से चयनित कविताओं का पाठकर पाठकों , काव्य अनुरागियों के मध्य मंच पर एक जादुई आनंद की लहर दौड़ा दी!आयोजन की समाप्ति से पूर्व अध्यक्ष रागिनी भारद्वाज ने अपने ऐसे महान पिता को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी नन्हीं पुस्तक त्रस रेणु की कुछ चतुष्पदियाँ भी सुनायी ।
फाउंडेशन अध्यक्ष रागिनी भारद्वाज
( सुपुत्री महाकवि “प्रभात “)



