मनुष्य जीवन में जाने-अनजाने प्रतिदिन कई पाप होते हैं। उनका ईश्वर के समक्ष प्रायश्चित करना ही एकमात्र मुक्ति पाने का उपाय है: प्रेमाचार्य पीताम्बरजी महाराज
-
राज्य
मनुष्य जीवन में जाने-अनजाने प्रतिदिन कई पाप होते हैं। उनका ईश्वर के समक्ष प्रायश्चित करना ही एकमात्र मुक्ति पाने का उपाय है: प्रेमाचार्य पीताम्बरजी महाराज
मंझौल, बेगूसराय। मंझौल में आयोजित नवदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस उक्त बातें श्रीधाम वृन्दावन से पधारे परम् पूज्य…
Read More »