पीएम आवास योजना के नाम पर साइबर फ्रॉड
-व्हाट्एप हैक कर भेजा जा रहा फर्जी लिंक
शेखपुरा। शेखपुरा में प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर बड़े साइबर फ्रॉड की कोशिश का मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने जिले के कई प्रतिष्ठित लोगों के व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर उनके परिचितों को फर्जी लिंक भेजना शुरू कर दिया। इस साइबर हमले की जद में राजद के पूर्व विधायक विजय सम्राट समेत कई बड़े कारोबारी भी आए हैं।
शेखपुरा में प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर बड़े साइबर फ्रॉड की कोशिश का मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने जिले के कई प्रतिष्ठित लोगों के व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर उनके परिचितों को फर्जी लिंक भेजना शुरू कर दिया। इस साइबर हमले की जद में राजद के पूर्व विधायक विजय सम्राट समेत कई बड़े कारोबारी भी आए हैं। घटना के बाद जिले में हड़कंप मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार साइबर अपराधी व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लोगों के संपर्क सूची में मौजूद परिचितों को प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ा फर्जी लिंक भेज रहे हैं। लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल उपयोगकर्ताओं से आधार कार्डए पैन कार्ड और अन्य गोपनीय जानकारियां मांगी जा रही हैं। हालांकि अब तक किसी के साथ आर्थिक ठगी होने की पुष्टि नहीं हुई है।
शहर के प्रमुख फर्नीचर एवं इलेक्ट्रिकल कारोबारी विनय प्रसाद ने बताया कि उनके व्हाट्सएप अकाउंट को हैक कर लिया गया था। हैकरों ने उनके नाम से कई लोगों को पीएम आवास योजना का लिंक भेजा। उन्होंने बताया कि लिंक किसी परिचित के नंबर से आया थाए इसलिए उन्होंने उसे खोलने की कोशिश की। लेकिन लिंक खुलते ही आधार और पैन कार्ड जैसी जानकारियां मांगी जाने लगींए जिससे उन्हें साइबर फ्रॉड की आशंका हुई। इसके बाद उन्होंने तत्काल लिंक को हटाया, मोबाइल का इंटरनेट बंद किया और फोन रीस्टार्ट कर लिया।
राजद के पूर्व विधायक विजय सम्राट ने भी अपने व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि उनके मोबाइल का उपयोग उनका निजी सहायक करता है। हैकरों ने उनके अकाउंट से भी फर्जी लिंक भेजकर लोगों को जाल में फंसाने का प्रयास किया। समय रहते इसकी जानकारी मिलने से बड़ी ठगी टल गई।
पूर्व विधायक विजय सम्राट ने कहा कि साइबर अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन रोकथाम के स्तर पर पर्याप्त निगरानी नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा कि अधिकांश मामलों में कार्रवाई घटना होने के बाद शुरू होती है। साइबर अपराध को जड़ से समाप्त करने के लिए पुलिस और साइबर सेल को पूर्व नियोजित रणनीति के तहत काम करना होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी सरकारी योजना के नाम पर आने वाले लिंक को बिना सत्यापन के नहीं खोलना चाहिए। किसी परिचित के नंबर से लिंक आने पर भी उसकी पुष्टि कर लेनी चाहिए। आधारए पैनए बैंकिंग या ओटीपी जैसी जानकारी किसी भी अनजान लिंक पर साझा नहीं करनी चाहिए।




