कूचबिहार में मंदिर जाने के दौरान गैंडे के हमले में दो लोग गंभीर रूप से घायल

बेहोश करके पकड़ा गया गैंडे को, घायलों का हो रहा इलाज

 

अजित प्रसाद / सिलीगुड़ी: उत्तर बंगाल में लगातार हो रही भारी बारिश ने न केवल जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है बल्कि कई जंगली जानवरों को भी आजाद कर किया है। जलप्रवाह में बहकर आया एक गैंडा शुक्रवार को कूचबिहार जिले के पुड़ीबाड़ी इलाके में दहशत का कारण बन गया। सुबह मंदिर जाने के दौरान गैंडे के हमले में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना शुक्रवार तड़के सुभाषपल्ली क्षेत्र में हुई। घायलों की पहचान दिलीप दास (65) और विभा कर (85) के रूप में हुई है। दोनों तड़के लगभग पांच बजे मंदिर में कीर्तन करने जा रहे थे, तभी रास्ते में अचानक गैंडे ने उन पर हमला कर दिया। लोगों ने किसी तरह उन्हें बचाकर अस्पताल पहुंचाया। वहीं, सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। लोगों ने शिकायत की कि गैंडे के डर से वे घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे थे। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए वन विभाग की टीम ने फौरन कार्रवाई की।
वनकर्मियों ने गैंडे को ‘ट्रैंक्विलाइजर गन’ से बेहोश कर उसे शांत किया गया। वन विभाग ने बाद में उसकी स्वास्थ्य जांच की और उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। अधिकारियों के अनुसार, गैंडा पूरी तरह स्वस्थ है। उधर, जलपाईगुड़ी जिले के धूपगुड़ी ब्लॉक के मध्यखट्टीमारी गांव में भी एक जंगली सूअर के हमले में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में सावित्री राय (40), जया राय (50), हिरंब राय (24) और पदो राय (60) शामिल हैं। सभी को धूपगुड़ी महकमा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जया राय खेत में काम कर रही थीं जब अचानक बाढ़ के पानी में बहकर आया जंगली सूअर उन पर टूट पड़ा। शोर सुनकर जब अन्य ग्रामीण मदद के लिए दौड़े तो सूअर ने उन पर भी हमला कर दिया। सूचना के बाद पुलिस और वनकर्मी मौके पर पहुंचे और इलाके की घेराबंदी की। हालांकि अभी तक सूअर को नहीं पकड़ा गया है। इस संबंध में वन अधिकारियों का कहना है कि हाल के प्राकृतिक आपदाओं के कारण कई जंगली जानवर अपने सुरक्षित आवास छोड़कर अनजान इलाकों में पहुंच जा रहे हैं, जिसके चलते वे घबराहट में हमला कर बैठते हैं।

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