हरियाणा के चुनाव =विकसित भारत की जीत
और जनता का फेंसला आ गया …….
आम चुनाव 2024 के बाद से लगातार मैं लिख रहा था की इस बार खंडित, विखंडित, अर्धविक्षिप्त, विदेशों से प्रायोजित इण्डी गठबंधन की झूठ , फ़रेब, धूर्तता , भ्रम, और मक्कारी की हांडी जिसमें संविधान , लोकतंत्र , संवेधनिक संस्थाओं के ख़तरे की बात परोसी गई थी एक बार ही चल पायी । जनता चुनाव के बाद ही समझ गई थी की उनसे भूल हो गई है और वह भयंकर झूठ के भ्रमजाल के भँवर में फँस गई थी।
आज के हरियाणा के नतीजों ने मेरे विश्वास को बहुत हद तक पुख़्ता किया है।
किसान, जवान, पहलवान, अग्निवीर, दस साल का भाजपा का कुशासन, जातीय जनगणना, संविधान ख़तरे में है, आरक्षण ख़त्म हो जाएगा , भाजपा सांप्रदायिक पार्टी है जैसे झूठे मुद्दों के बदले हरियाणा की जनता ने भाजपा विकसित भारत के संकल्प के लिए वोट दिया है।
भाजपा की हरियाणा में अद्भुत विजय एग्जिट पोल वालों की दुकान बंद होने की और भी संकेत दे रहा है, जनता कैसे अपने मन की बात सिर्फ़ बटन दबा कर ही बताती हैं , राजनैतिक पार्टियों के दलालों या एग्जिट पोल वालों को नहीं ।
भाजपा ने इस बार पिछली बार से कहीं ज़्यादा बेहतर परफॉर्म कर इस बात को पुख़्ता किया है की यदि आप देश, प्रदेश और जनहित में व्यापक निर्णय लेते हैं तब नया भारत आपकी बात को समझकर बग़ैर प्रतिबद्धताओं के निष्पक्ष निर्णय करता है।
आजका चुनावी विश्लेषण देखकर महसूस हुआ कि जाट , नान जाट, दलित , मुसलमान , पहलवान, अग्निवीर इत्यादि मुद्दों से हटकर हरियाणा के लिए वोट देकर विकसित भारत के संकल्प को मज़बूत किया है। चुनाव के दौरान अपनी बहन को जीवन की सबसे बेहतरीन जलेबी खाकर उसके लिए पैक कराकर ले जाने और जलेबी की फैक्ट्री लगाकर एक एक फैक्ट्री में पचास पचास हज़ार लोगों को नौकरी देने हास्यास्पद जुमला भी नहीं चला। कांग्रेसी नेताओं की अंदरघात, भाजपा के शीर्षनेतृत्व का एकजुट होकर एकनिष्ठ होकर मोदी/योगी के नेतृत्व ने यह चमत्कार कर दिखाया है। इनकी बात पर हरियाणा की जनता ने विश्वास किया है।
आज एक बार फिर से कांग्रेस प्रवक्ताओं ने अपनी और अपनी पार्टी की खिल्ली उड़ाई , रुदाली की जब भाजपा की विजय पर कहते सुने गये की लोकतंत्र हार गया, ईवीएम जीत गया, निर्वाचन आयोग जीत गया, पत्रकारों ने भाजपा को जीता दिया , सेफ़ोलॉजिस्ट ने खेल कर दिया । कांग्रेस अपने कर्मों और राज शाही परिवार को छोड़कर सभी को इस हार के लिए दोष दे रही है।
इन्हें नहीं दिख रहा की कांग्रेस की विभाजनकारी नीतियाँ , देश को जातियों, धर्मों, भाषा के आधार पर बाँटना राष्ट्र को मंज़ूर नहीं है। कांग्रेसियों का भ्रष्टाचार , विदेशी शक्तियों से मदद , जेहादियों के आतंक पर चुप्पी का जवाब हरियाणा की जनता ने दे ही दिया है।
कल तक कांग्रेसी अतिउत्साहित होकर राहुल गांधी को हरियाणा में जीत के लिए ज़िम्मेवार बताकर, सेहरा पहनाकर उन्हें भविष्य का प्रधानमंत्री तक कह रहे थे जबकि सूचना के अनुसार जहां जहां राहुल ने रैली या यात्रा की वहाँ कांग्रेस बुरी तरह हार गई। अब अपने राजशाही नौनिहाल को ये अंधभक्त क्या कहेंगे?
हरियाणा में वहाँ की जनता जीती है, राज्य जीता है , राष्ट्र जीता है क्यूँकि वहाँ धर्म , जाति , जाट या नान जाट से इतर राज्य और राष्ट्र के लिये वोट डाला गया।
अब बात जम्मू कश्मीर की भी कर लें।
भाजपा ने जम्मू कश्मीर को आतंकवाद के दौर से बहुत हद तक बाहर लाने के बावजूद, पाकिस्तानी झंडे लहराने वालों, हर शुक्रवार पत्थरबाज़ी करने वालों, बाज़ार बंद कराने वालों पर अंकुश लगाकर, डललेक में ख़ुशहाली लाकर , सैलानियों को लाकर, रोज़गार लाकर , रोज़गार, प्रगति, उन्नति लाकर नस्रुल्लाह की मौत पर फ़ातिहा पड़ने वालों की जीत बहुत कुछ इंगित करती है। शब्दों में व्याखित करने की आवश्यकता नहीं समझता। जनता के विवेक पर छोड़ता हूँ।


