कल करेंगी रास मेला मैदान से जनसभा को संबोधित: सीएम ममता बनर्जी

 

अजित प्रसाद / सिलीगुड़ी: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने दो दिवसीय उत्तर बंगाल दौरे के दौरान कूच बिहार में प्रशासनिक बैठक में सीएम ममता बनर्जी ने कहा सीमांत क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि हुए यहां किसी की दबंगई नहीं चलेगी। बैठक मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य कार सभी समुदायों को समान से देखती है। उन्होंने कहा, हम मनुष्य को मनुष्य के आधार पर नहीं बांटें । 1971 के मार्च जो लोग आए थे, वे सभी भारतीय नागरिक है। उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम काल में किसी तरका डिटेशन कैंप बनने दिया जाएगा। असम सरकार पश्चिम बंगाल को वापस भेजने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने सबाल उठाते हुए कहा कि जब लोग भारतीय नागरिक हैं तो उन्हें पुख्ता सतावेज होने के बावजूद पुसवेक किया जा रहा है? तब पुलिस क्या करती है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुलिस प्रशासन को भी चेताया और कहाकि राज्य पुलिस को इतना डरपोक नहीं होना चाहिए। आप लोग प्रैक्टिव होकर काम करें। मारपीट या हिंसा की बात नहीं कर रही, लेकिन चेकिंग सही से होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में बीएसएफ स्थानीय लोगों की जवान भारत को सीना से बाहर धकेल रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, हमने जिम गर्भवती महिला को वापस लाया, उसके परिवार के चार सदस्य अभी भी उधर ही हैं। वे भारतीय नागरिक हैं, उनके पास सभी दस्तावेज मौजूद हैं। फिर भी उन्हें पुशबैक किया गया। स्थानीय पुलिस क्या कर रही थी? उनके हाथ से लोग कैसे निकल गए। उन्होंने कहा कि सीमांत इलाकों में नका चेकिंग मजबूत होनी चाहिए क्योंकि कई मामलों मेंअवैध लेनदेन और अन्य गतिविधियां पकड़ी जा रही हैं।मुख्यमंत्री ने बीजेपी की आलोचना करते हुए कहा कि कोई भी बांग्ला भाषा बोले तो उसे ‘बांग्लादेशी’ कहा जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर ये बांग्लादेशी वोटर कहां से आए? उन्होंने पुनः दोहराया कि वे बंगाल में कभी भी डिटेंशन कैंप बनने नहीं देंगी। साथ ही चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, एसआईआर को दो महीने में पूरा करने की इतनी जल्दी क्यों ? पिछली बार दो साल लगे थे। अचानक इतनी हड़बड़ी किस बात की? क्या नागरिकों के नाम काटकर किसी खास राजनीतिक दल को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है? उन्होंने कहा कि यदि चुनाव आयोग किसी एक पक्ष की तरह काम करने लगे, तो आम जनता न्याय कहां पाएगी ? लोकतंत्र अगर पक्षपाती हो जाए, तो वह लोकतंत्र नहीं बल्कि तानाशाही बन जाता है। मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि संविधान की मर्यादा और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार को दो दिन के दौरे पर कूचबिहार पहुंचीं। उनका हेलिकॉप्टर एबीएन शील कॉलेज के मैदान में उतरा। जहां से वह पैदल रविंद्र भवन गई। यहीं उनकी प्रशासनिक बैठक शुरू हुई। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने उत्तर बंगाल के आठ जिलों की 261 परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिन पर कुल 744 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। मंच से उन्होंने रूपश्री, स्वास्थ्य साथी सहित कई सरकारी योजनाओं के लाभ भी उपभोक्ताओं के हाथों सौंपे। मुख्यमंत्री के इस दो दिवसीय दौरे को ध्यान में रखते हुए पूरे कूचबिहार में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्रशासनिक बैठक के बाद ममता बनर्जी सोमवार रात को सर्किट हाउस में रुकेंगी। सूत्रों के अनुसार, रात में वह पार्टी नेताओं के साथ एक विशेष बैठक के भी कर सकती हैं। मंगलवार को कूचबिहार के प्रसिद्ध रासमेला मैदान में क बड़ी जनसभा होगी, जहां वह जनता को संबोधित करेंगी। तृणमूल के जिला ली अध्यक्ष अभिजीत दे भौमिक ने कहा कि कूचबिहार के लाखों लोग मुख्यमंत्री क ममता बनर्जी का भाषण सुनने के लिए उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं।

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