आज का असम शांति, संस्कृति और प्रगति का प्रतीक बन रहा है

बागुरुम्बा दोहो' के भव्य सांस्कृतिक उत्सव में शामिल हुए

 

अजित प्रसाद,असम : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, बोडो परंपराओं और राज्य में आए व्यापक सामाजिक-आर्थिक बदलावों को रेखांकित करते हुए शनिवार को कहा कि आज का असम शांति, संस्कृति और प्रगति का प्रतीक बन रहा है।
इसके बाद पीएम मोदी रोड शो में शामिल हुए और फिर वह ‘बागुरुम्बा दोहो’ के भव्य सांस्कृतिक उत्सव में शामिल हुए।
मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार असम की हर विरासत, हर गौरव का सम्मान अपना सौभाग्य समझती है. संयोग से आज ज्योति प्रसाद अग्रवाल की पुण्यतिथि भी है. मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं.
उन्होंने कहा कि ‘बागुरुम्बा दोहो’ केवल एक उत्सव नहीं है. यह एक माध्यम है हमारी महान बोडो परंपरा का सम्मान देने का. यह एक माध्यम है बोडो समाज की महान विभूतियों को याद करने का. मेरी हमेशा यह इच्छा रही है कि असम की कला और संस्कृति को बड़ा मंच मिले. भव्य आयोजनों के जरिए इसकी पहचान देश और दुनिया में बने. इसके लिए पहले भी लगातार प्रयास होते रहे हैं. बड़े स्तर पर बिहू से जुड़े आयोजन हों. असम की कला और संस्कृति में जो अद्भुत आनंद है, उसे पाने का मैं कोई भी मौका नहीं छोड़ता हूं। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि मैं यह सोचकर भावुक हो रहा हूं कि मेरा असम कितना आगे बढ़ रहा है. एक समय, जहां आए दिन रक्तपात होता था, आज वहीं आज संस्कृति के अद्भुत रंग सज रहे हैं. एक समय, जहां गोलियों की गूंज थी, आज वहां खाम और सिफुंग की मधुर ध्वनि है. पहले जहां कर्फ्यू का सन्नाटा होता था, आज वहां संगीत के सुर गूंज रहे हैं. पहले जहां अशांति और अस्थिरता थी, आज वहां बागुरुम्बा की ऐसी प्रस्तुतियां हो रही हैं. यह उपलब्धि सिर्फ असम की नहीं है, पूरे भारत की है. असम के इस बदलाव पर हर देशवासी को गर्व है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब हम असम की कला, संस्कृति और पहचान का सम्मान करते हैं तो कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें तकलीफ हो जाती है. असम का सम्मान किस पार्टी के लोगों को अच्छा नहीं लगता-कांग्रेस पार्टी. वह कौन सी पार्टी है जिसने भूपेन हजारिका को भारत रत्न देने का विरोध किया-कांग्रेस पार्टी ने। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने सियासी फायदे के लिए असम में अस्थिरता पैदा की और असम को हिंसा की आग में धकेला। आजादी के बाद असम के सामने बड़ी चुनौतियां थीं, लेकिन कांग्रेस ने उन समस्याओं का समाधान खोजने की बजाय उस पर सियासी रोटियां सेंकी. जरूरत विश्वास की थी, लेकिन कांग्रेस ने विभाजन को बढ़ाया. जरूरत संवाद की थी, लेकिन कांग्रेस ने उपेक्षा की और बातचीत के रास्ते बंद किए. जब जरूरत अपने लोगों के जख्म भरने की थी, जब असम के लोगों की सेवा करने की थी, तब कांग्रेस असम के दरवाजे घुसपैठियों के आवभगत में लगी रही। बोडो शांति समझौते को लेकर क्या बोले पीएम : पीएम मोदी ने कहा, ‘2020 के बोडो शांति समझौते ने वर्षों से चले आ रहे संघर्ष पर विराम लगाया. इस समझौते के बाद भरोसा लौटा और हजारों युवाओं ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा को अपना लिया. प्रतिभाशाली बोडो युवा आज असम के सांस्कृतिक दूत बन रहे हैं। खेल के क्षेत्र में भी बोडो समाज के बेटे-बेटियां नाम रोशन कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘असम का आत्मविश्वास, असम का सामर्थ्य और असम की प्रगति से भारत की ग्रोथ स्टोरी को नई शक्ति मिल रही है. आज असम तेजी से आगे बढ़ने वाले राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है. असम की अर्थव्यवस्था गति पकड़ रही है. इस विकास में, इस बदलाव में बोडोलैंड और यहां के लोग अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस असम के लोगों को अपना नहीं मानती है. कांग्रेस के लोगों को विदेशी घुसपैठिये ज्यादा पसंद हैं, क्योंकि वे यहां आकर कांग्रेस के कट्टर वोट बैंक बन जाते हैं, इसलिए कांग्रेस के राज में विदेशी घुसपैठिये आते रहे और असम की लाखों बीघा जमीन पर कब्जा करते रहे, और कांग्रेस सरकार उनकी मदद करती रही। उन्होंने कहा कि असम का आत्मविश्वास, असम का सामर्थ्य और असम की प्रगति भारत की ग्रोथ स्टोरी को नई शक्ति दे रही है. आज असम तेजी से आगे बढ़ने वाले राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है. असम की अर्थव्यवस्था गति पकड़ रही है। इस विकास और बदलाव में बोडोलैंड और यहां के लोग अहम भूमिका निभा रहे हैं।

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