नीट प्रश्न पत्र लीक का अंतहीन सिलसिला

हरप्रीत भट्टी, नई दिल्ली। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्न पत्र लीक होना हमारे देश में आम बात हो गई है। विगत दिनों देश की सबसे बड़़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 आयोजित किया गया। अन्य बर्षों की भांति इस साल भी प्रश्न पत्र लीक होने का मामला उजागर हुआ। देशभर में छात्रों ने प्रचंड प्रदर्शन-धरना आयोजित किया। पुलिस की लाठियां खाईं। अन्ततः प्रशासन को झुकना पड़ा। नीट नीट-यूजी 2026 परीक्षा को रद्द घोषित कर दिया गया। हर बार की तरह इस बार भी सीबीआई को जांच के लिए सौंप दिया गया। जांच में क्या होना, आरोपी बेदाग छूट जायेंगे। यह खेल चलता रहेगा।
नीट परीक्षा रद्द होने पर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। प्रश्न पत्र लीक और अनियमितताओं के आरापों के चलते एनटीए द्वारा परीक्षा निरस्त किये जाने के बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। लाखों छात्रों के भविष्य, मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान को मुद्दा बनातेे हुए शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा किए हैं। कांग्रेस की सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्र सरकार से मांग की है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान को नैतिक आधार पर हटा देना चाहिए। बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि 22 लाख छात्रों की मेहनत पर पानी फिर गया और सरकार एक भी बड़ी परीक्षा नहीं करा पा रही है। प्रश्न पत्र लीक का अंतहीन सिसिला सरकार की प्रशासनिक विफलता को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि केवल दिखावटी जांच से काम नहीं चलेगा, सरकार को नियत और व्यवस्था दोनों पर आत्ममंथन करना चाहिए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने नीट-यूजी -2026 परीक्षा रद्द किये जाने पर कहा कि सरकार एक भी बड़ी परीक्षा सही से नहीं करा पा रही है, वह देश चलाने की बात कर रही है। राज्यसभा सदस्य सिब्बल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रभावित छात्रों से मन की बातकरनी चाहिए और कहना चाहिए कि जो हुआ, उसके लिए वह माफी चाहते हैं। सिब्बल का यह भी कहना था कि जिन राज्यों में यह घटना घटी है उन राज्यों के शिक्षा मंत्रियों का इस्तीफा लिया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पेशेवर रुप से संचालित संगठन को परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी होनी चाहिए। दरअसल, सरकार अपने लोगों को रखते हैं उनके अपने हित होते हैं, जिम्मेदारी तय नहीं होती है और इसलिए यही परिणाम होगा। इस बीच, द फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन नीट-यूजी 2026 प्रश्न पत्र लीक मामले की समयबद्ध जांच की मांग की है। साथ ही इसमें शामिल लोगां के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। एसेसिएशन के राष्टीय अध्यक्ष डॉ जयदीपकुमार चौधरी ने कहा कि बार-बा समने आने वाली ऐसी विफलताएं निन्दनीय है।


