भ्रष्टाचार पर नई सरकार का ‘जीरो टॉलरेंस’: शुभेंदु अधिकारी ने अधिकारियों के खिलाफ CBI जांच को दी मंजूरी

 

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपनी सरकार की नीति स्पष्ट कर दी है। बुधवार को नवान्न (राज्य सचिवालय) में एक महत्वपूर्ण संवाददाता सम्मेलन के दौरान उन्होंने घोषणा की कि अब भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी अधिकारी को ‘सुरक्षा कवच’ नहीं मिलेगा।रुकी हुई जांचों को मिली हरी झंडीमुख्यमंत्री ने पिछली सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त कई नौकरशाहों और अधिकारियों को जानबूझकर बचाया जा रहा था। उन्होंने बताया:जांच एजेंसियों (CBI और अदालत द्वारा नियुक्त संस्थाओं) को चार्जशीट दाखिल करने और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक ‘सरकारी मंजूरी’ (Sanction) को पिछली सरकार ने रोक रखा था।मंगलवार को ही उनकी सरकार ने शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार, नगर पालिका नियुक्ति भ्रष्टाचार और सहकारी विभाग से जुड़े तीन महत्वपूर्ण मामलों में CBI को जांच की आवश्यक मंजूरी दे दी है।मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा, “हमने CBI को सैंक्शन दे दिया है, आदेश जारी हो चुका है। हमारी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर चलेगी।”तिलजला अग्निकांड: अवैध निर्माण पर चलेगा बुलडोजरउसी दिन मुख्यमंत्री ने तिलजला के एक चमड़ा कारखाने में लगी भीषण आग की घटना पर भी कड़ा रुख अपनाया। इस हादसे में दो लोगों की मौत और तीन के गंभीर रूप से घायल होने पर दुख जताते हुए उन्होंने कहा:यह कारखाना पूरी तरह से अवैध था और इसमें अग्निशमन के कोई इंतजाम नहीं थे।मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस अवैध कारखाने का बिजली कनेक्शन स्थायी रूप से काट दिया जाएगा और अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाएगा।कोलकाता पुलिस ने इस मामले में कारखाने के मालिक और मैनेजर को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है।प्रशासनिक प्राथमिकता के संकेतराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कार्यभार संभालने के शुरुआती दिनों में ही भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण जैसे मुद्दों पर कड़े फैसले लेकर भाजपा सरकार ने यह संकेत दे दिया है कि वह पिछली सरकार की कार्यप्रणाली को पूरी तरह बदलने और प्रशासनिक कसावट लाने के मूड में है।

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