तेज धूप व लू से घर से निकलना मुहाल

-तापमान में बढ़ोतरी से लोगों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त

-शासन-प्रशासन की घोषणाएं टांय-टांय फिस
भारत पोस्ट न्यूज़  नई दिल्ली। सूरज का रोद्र रुप से निकलने वाली प्रचंड गर्मी से परेशानी भयावह हो गई है। दिन में तेज धूप और लू से लोगों का घर से निकलना मुहाल हो गया है। रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। इस बीच मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए लू का अलर्ट जारी कर दिया है। मंगलवार को तापमान में बढ़ोतरी से लोगों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गई। शाम को भी गर्म हवाएं लू का अहसास करा रही थीं। राजधानी में पहली बार विगत सोमवार को लू चली है। राजधानी में गर्म हवाओं का चलना मंगलवार को भी जारी रहा। मंगलवार को दोपहर में गर्म और शुष्क हवाएं चलीं। आज अधिकतम तापमान 44 डिग्री और न्यनतम 28 डिग्री रिकार्ड किया गया।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 20 से 22 मई तक गर्मी का यही आलम रहेगा और गर्म हवाओं के साथ लू भी चलेगी। इस दौरान अधिकतम तापमान 43 से 44 डिग्री तक रह सकता है। 23 व 24 मई को अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यनतम 27 डिग्री तक रह सकता है। स्काईमेट के अनुसार दिल्ली में गर्मी का मौसम सही मायने में अब शुरु हुआ है। हालात ऐसे बन गए हैं कि यह प्री मानसून मौसम का दूसरा लू का झटका बन सकता है। पूरे सप्ताह यही स्थिति रह सकती है। दिल्ली समेत उत्तर भारत में कई दिनों तक लू की स्थिति रह सकती है। इस सप्ताह के मध्य 20 से 21 मई तक तापमान बढ़ सकता है।
गर्मी और लू के थपेड़ों का सबसे ज्यादा असर खुले आसमान के नहचे काम करने वाले मजदूरों पर पड़ रहा है। मई के शुरुआत में ही शासन-प्रशासन ने दिहाड़ी मजदूरों को राहत देने के लिए कई घोषणाएं की थी। प्रशासन ने दावा किया था कि हिट वेव शुरु होने पर दोपहर एक बजे से चार बजे तक निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों में कार्यरत मजदूरों को आराम दिया जाएगा। ओआरएस घोल के साथ विशेष सुविधा मुहैया कराई जाएगी, पर जमीनी हकीकत इसके विपरित है। जमीनी स्तर पर सरकार के दावे उतरते नहीं दिखाई दे रहे हैं। मंगलवार को दोपहर में भीषण गर्मी में काम करते कई मजदूरों ने बताया कि व्यापारी और ठेकेदार प्रशासन के निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। लुटियंस दिल्ली में एक नवनिर्मित भवन में का करने वाले मजदूर प्रभु यादव ने बताया कि वह अगर दोपहर को काम रोक देते हैं तो ठेकेदार मजदूरी काट लेते हैं और काम से भी निकाल देते हैं। उन्होंने भावुक होकर बोला कि परिवार की जिम्मदारी है, इसलिए वह भीषण गर्मी में आठ घंटे बिना किसी सरकार सुविधा के काम करने पर मजबूर हैं। चांदनी चौक में माल ढुलाई में लगे भरत ने बताया कि उन्हें कोई टोपी या गमछा नहीं मिला है। ठंडा पानी या ओआरएस के घोल के वितरण के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। प्रचंड गर्मी में डीटीसी बसों और बस षेल्टरों की स्थिति में सुधार नहीं किया गया। सरकार केवल बयानबाजी कर अपने कर्त्तव्य की इतिश्री मान लेती है।
इस बीच, दिल्ली में तापमान के बढ़ने के साथ हीट स्टोक के मामले बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रमुख सरकारी अस्पतालों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। डा राम मनोहर लोहिया अस्प्ताल, सफदरजंग, एम्स,लोकनायक और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को हाईअलर्ट मोड पर कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के हीट एक्शन प्लान के तहत 30 से अधिक अस्पतालों में विशेष कूल रुम तैयार किए हैं जबकि 339 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों को सतर्क के निर्देश दिए गए हैं।े राहत की बात यह है कि फिलवक्त किसी भी बड़े अस्पताल में हीट वेव से प्रभावित मरीजों के आने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

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