पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री उदयन गुह कोलकाता से गिरफ्तार; ‘

* कट मनी' और धोखाधड़ी के मामले में कूचबिहार पुलिस की बड़ी कार्रवाई

 

कोलकाता दिनहटा, पश्चिम बंगाल की राजनीति से आज की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य के पूर्व उत्तर बंगाल विकास मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर नेता उदयन गुह को आज कोलकाता के फूलबागान इलाके में स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई कूचबिहार जिला पुलिस द्वारा स्थानीय फूलबागान थाना पुलिस के सहयोग से की गई है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें तुरंत फूलबागान थाने ले जाया गया, जहाँ से उन्हें कागजी कार्रवाई पूरी कर उत्तर बंगाल के दिनहाटा ले जाने की तैयारी चल रही है।’प्रधान मंत्री आवास योजना’ में धोखाधड़ी और कट मनी का आरोपपुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, दिनहाटा के पूर्व विधायक उदयन गुह के खिलाफ दिनहाटा थाने में धोखाधड़ी, वित्तीय हेराफेरी और जबरन वसूली (कट मनी) से जुड़ी धाराओं के तहत मामला (मामला संख्या 419/26) दर्ज है।उनके खिलाफ मुख्य रूप से निम्नलिखित गंभीर आरोप हैं:आवास योजना में घोटाला: साल 2016 से ‘प्रधान मंत्री आवास योजना’ के तहत गरीब लाभार्थियों को मिलने वाले फंड में से कथित तौर पर अवैध रूप से ‘कट मनी’ वसूलने और धोखाधड़ी करने का आरोप।अस्पताल फंड में हेराफेरी: दिनहाटा उपमंडल अस्पताल के ‘पिकू’ (चाइल्ड केयर यूनिट) के निर्माण के दौरान एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) के नाम पर भारी मात्रा में जबरन धन उगाही करने की शिकायत।इसके अलावा, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साल 2021 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद कूचबिहार जिले में हुई राजनीतिक हिंसा के मामलों में भी उनके शामिल होने की जांच की जा रही है।ट्रांजिट रिमांड पर ले जाया जाएगा कूचबिहार; पूर्व मंत्री ने बताया ‘अवैध’गिरफ्तारी के बाद पूर्व मंत्री उदयन गुह ने पुलिस की इस कार्रवाई की वैधता पर कड़े सवाल उठाए हैं। थाने में मौजूद अपने करीबियों के जरिए उन्होंने दावा किया कि जिस मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया है, उसमें उन्हें अदालत से पहले ही अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) मिल चुकी है। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित और पूरी तरह गैर-कानूनी बताया है।आगे की कानूनी प्रक्रिया: पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उदयन गुह को आज ही सियालदह अदालत (Sealdah Court) में पेश किया जाएगा। जाँच अधिकारी अदालत से उनकी ‘ट्रांजिट रिमांड’ की मांग करेंगे ताकि उन्हें आगे की पूछताछ और अदालती प्रक्रिया के लिए कूचबिहार जिला अदालत के समक्ष पेश किया जा सके।

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