“तृणमूल ने राज्य को अंधेरे में ढकेला था, भाजपा उसे रोशनी की ओर ले जा रहे हैं”: दिलीप घोष
अजित प्रसाद/कोलकाता : पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शहर के विकास कार्यों, तसलीमा नसरीन के आगमन, जनगणना और हालिया राजनीतिक मुद्दों पर बात की। इस दौरान उन्होंने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर जमकर निशाना साधा।पत्रकारों के समक्ष पंचायत मंत्री द्वारा दिए गए प्रमुख बयान निम्नलिखित हैं:1. कोलकाता में तसलीमा नसरीन और कट्टरवाद का मुद्दालेखिका तसलीमा नसरीन के कोलकाता आगमन का स्वागत करते हुए दिलीप घोष ने कहा, “कोलकाता में दुनिया के कई देशों से लोग आते रहे हैं और आगे भी आते रहेंगे। पश्चिम बंगाल में एक समय कट्टरवाद हावी हो गया था, जिसे जनता ने ही उखाड़ फेंका है। कोलकाता के लोग उनकी बात सुनना चाहते हैं।”2. नाइट बस सर्विस, पिंक कार्ड और इस्कॉन का मिड-डे मीलसरकार के नए फैसलों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, “आज से नाइट बस सर्विस, महिलाओं के लिए पिंक कार्ड और इस्कॉन को मिड-डे मील की जिम्मेदारी सौंपना बेहद सराहनीय कदम है। मुख्यमंत्री ने जो वादा किया था, उसे पूरा किया गया है। यह हमारे चुनावी घोषणापत्र में भी शामिल था। पिछली सरकार महिलाओं को रात में बाहर निकलने से रोककर राज्य को मध्ययुगीन दौर में ले जा रही थी। नई सरकार के आने से लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है।”3. कोलकाता-कल्याणी ‘पिंक मेट्रो’ परियोजनामेट्रो परियोजनाओं में हुई देरी पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा, “पिछले 50 सालों में परियोजनाओं के नाम पर केवल पत्थर लगाने के अलावा कुछ नहीं हुआ। बारुईपुर और कल्याणी तक मेट्रो बहुत पहले पहुंच जानी चाहिए थी। चिंगरीघाटा में जानबूझकर काम रोका गया था। तृणमूल राज्य का भविष्य अंधकार में छोड़कर चली गई, हमारी सरकार उस अंधेरे को मिटाकर रफ्तार लाने का काम कर रही है।”4. राज्य में रुकी हुई जनगणना की शुरुआतजनगणना पर बात करते हुए दिलीप घोष ने कहा, “साल 2011 के बाद से इस राज्य में सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं थे। पिछले साल जून से देशभर में जनगणना शुरू हुई, लेकिन इस राज्य में इसे नहीं होने दिया गया। संशोधित मतदाता सूची से 91 लाख नाम हटाए गए हैं। बिना सटीक आंकड़ों के सभी सरकारी योजनाएं विफल हो जाती हैं। इसीलिए हमारी नई सरकार ने राज्य में जनगणना शुरू करने की मंजूरी दी है।”5. बर्धमान में पाक आतंकी स्लीपर सेल की साजिशमुख्यमंत्री को निशाना बनाने की साजिश और पाक स्लीपर सेल की मौजूदगी पर उन्होंने सख्त चेतावनी दी, “केंद्र में पिछली सरकारों के दौरान आतंकी हमलों पर केवल चिट्ठियां लिखी जाती थीं। लेकिन अब केंद्र में मोदी सरकार और राज्य में भाजपा सरकार है। हम आतंकियों के ठिकाने में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक करना जानते हैं। वे जहां भी मिलेंगे, उन्हें जड़ से उखाड़ फेंकेंगे।”6. अपनी सुरक्षा और इको पार्क में सुबह की सैरखुलेआम घूमने और सुरक्षा संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा, “अगर हम ही डरकर घर में बैठ जाएंगे, तो आम जनता सड़कों पर कैसे निकलेगी? मैं खुद कई बार तृणमूल के आतंक का शिकार बना हूं, लेकिन मुझे कोई रोक नहीं सका। ईश्वर ने जितनी मेरी आयु लिखी है, उसमें से एक सेकंड भी कोई कम नहीं कर सकता।”7. ममता बनर्जी की कविता पर तंजपूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की हालिया कविता पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि उन्हें शुक्रवार से इतना प्यार क्यों है! अपने घर के बच्चे का नाम ‘अजानिया’ रखा है। उन्होंने बंगाल की संस्कृति और परंपराओं को बदलने का काम किया, लेकिन राज्य का कोई भला नहीं किया।”8. NEET आंदोलन और विवादNEET आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “कुछ मासूम किशोर सोशल मीडिया पर रातों-रात मशहूर होने के लालच में किसी पर्दे के पीछे बैठी ताकत के जाल में फंस गए थे। अब वे अपनी गलती समझकर माफी मांग रहे हैं। हालांकि, लोकतांत्रिक आंदोलन के नाम पर जिन्होंने पीछे से उपद्रव फैलाया, उन्हें खींचकर कानून के कठघरे में लाया जाएगा।”9. मीनार मंडल मामलामीनार मंडल केस में पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भूमिका पर उन्होंने भरोसा दिलाते हुए कहा, “एक समय ईडी ने यह मामला अपने हाथ में लिया था, लेकिन सहयोग न मिलने के कारण जांच आगे नहीं बढ़ सकी थी। अब राज्य पुलिस सक्रियता से इस पर काम कर रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”




