अजय नदी में दूषित पानी बहाने का आरोप, चुरूलिया में भाजपा का हल्लाबोल

*खदान के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन, कोयला परिवहन ठप; स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की भी उठी मांग*

 

 

अजीत प्रसाद

*आसनसोल।* चुरूलिया स्थित कोयला खदान से निकलने वाले कथित दूषित पानी को अजय नदी में बहाए जाने के आरोप को लेकर शनिवार को भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने खदान से होने वाले कोयला परिवहन को पूरी तरह रोक दिया। सुबह से शुरू हुआ विरोध-प्रदर्शन खबर लिखे जाने तक जारी रहा और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।

भाजपा किसान मोर्चा के जिला सचिव गोपी पात्र ने आरोप लगाया कि खदान से निकलने वाले गंदे और कथित जहरीले पानी को सीधे अजय नदी में छोड़ा जा रहा है। उनका दावा है कि इससे नदी का पानी प्रदूषित हो रहा है तथा आसपास के पर्यावरण और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।

*अजय नदी के प्रदूषण पर उठाए सवाल*

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अजय नदी क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में खदान से निकलने वाले पानी के निस्तारण को लेकर प्रशासन को गंभीरता से जांच करनी चाहिए। भाजपा नेताओं ने मांग की कि नदी में छोड़े जा रहे पानी के नमूने लेकर उसकी वैज्ञानिक जांच कराई जाए और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। गोपी पात्र ने आरोप लगाया कि खदान से निकलने वाले पानी को उचित तरीके से उपचारित किए बिना नदी में बहाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

*कोयला परिवहन रोककर जताया विरोध*

दूषित पानी के मुद्दे के साथ-साथ प्रदर्शनकारियों ने खदान में स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया। प्रदर्शन के दौरान खदान से कोयला लेकर आने-जाने वाले वाहनों को रोक दिया गया। इसके कारण कोयला परिवहन पूरी तरह प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक उनकी शिकायतों पर प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।

### *स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग*

भाजपा नेता गोपी पात्र ने आरोप लगाया कि खदान में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को पर्याप्त रोजगार नहीं दिया जा रहा है और बाहरी श्रमिकों को काम पर रखा जा रहा है। इसको लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है।

उन्होंने मांग की कि खदान में रोजगार के अवसरों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाए, ताकि क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को इसका लाभ मिल सके। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इलाके में खनन गतिविधियां चल रही हैं, ऐसे में स्थानीय लोगों को रोजगार का उचित अवसर मिलना चाहिए।

*बड़ी संख्या में ग्रामीण और भाजपा समर्थक हुए शामिल*

प्रदर्शन में गोपी पात्र के अलावा अजय मंडल, शांतिमोय मंडल सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और भाजपा समर्थक मौजूद रहे। सुबह से ही खदान के आसपास लोगों की भीड़ जुटने लगी। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह मामला केवल राजनीतिक विरोध का नहीं, बल्कि पर्यावरण, नदी संरक्षण और स्थानीय लोगों के रोजगार से जुड़ा हुआ है।

*प्रशासन और खदान प्रबंधन के जवाब का इंतजार*

खबर लिखे जाने तक चुरूलिया स्थित खदान में कोयला परिवहन पूरी तरह ठप था। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर कायम थे। हालांकि, खदान प्रबंधन या संबंधित प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। अजय नदी में दूषित पानी छोड़े जाने और स्थानीय युवाओं की जगह बाहरी श्रमिकों को रोजगार दिए जाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इन शिकायतों की जांच को लेकर क्या कदम उठाता है और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर किस तरह की कार्रवाई की जाती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button