पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात में कानपुर के चर्चित पार्षद दल नेता नवीन पंडित ने साझा की पुरानी स्मृतियां
सुनील बाजपेई
कानपुर। भाजपा पार्षद दल के नेता नवीन पंडित ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलकर पुराने दिनों की अनेक स्मृतियां ताजा की। अपने बेटे साहिल के साथ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करने वाले पार्षद दल के नेता नवीन पंडित ने इस बीच उनके साथ में बिताए पुराने समय की भी चर्चाएं की। लगभग आधे घंटे हुई इस मुलाकात में विभिन्न विषयों पर विस्तार से संवाद के साथ पूर्व राष्ट्रपति ने पुराने पारिवारिक संबंधों की आत्मीयता का अनुभव भी कराया।
अवगत कराते चलें कि विभिन्न क्षेत्र बदलकर पार्षद का चुनाव लगातार पांचवीं बार जीतने वाले ,1991 में राम जन्मभूमि आन्दोलन में फतेहगढ़ जेल में 11 महीने और 1993 में पुनः कानपुर कारागार में 09 महीने बन्द रह चुके भारतीय जनता पार्टी के तेजतर्रार, व्यवहार कुशल बेहद जुझारू नेताओं में से एक पांचवीं बार पार्षद चुने गए और पार्षद दल के भी नेता नवीन पंडित अपने अब तक के जुझारू राजनीतिक इतिहास तथा पार्टी और जनता के हित में किए गए अनगिनत कार्यों और आंदोलनों को लेकर भी चर्चा में रहे हैं । यही नहीं राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान रासुका में जेल में बंद रहने के दौरान स्व० भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी , लाल कृष्ण आडवाणी, कलराज मिश्र, राजनाथ सिंह, स्व० राजेन्द्र गुप्त, विनय कटियार, उमाभारती, डा० दिनेश शर्मा जैसे नेताओं ने जेल में आकर भाजपा के विपक्ष में रहने के दौरान भी तमाम जन-आन्दोलनों से लोकप्रिय कार्यकर्ता के रूप में पहचान बनाने वाले नवीन पंडित से मुलाकात कर उनकी हौसला आफजाई भी की थी।
एक गैर राजनीतिक संस्था दक्षिण विकास मोर्चा के भी संयोजक अध्यक्ष पार्टी को मजबूत करने और उसके प्रचार प्रसार में भी अग्रणी नवीन पंडित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कानपुर लोकसभा क्षेत्र में मतदाताओं के संदर्भ में चलाये गये नमो एप में भी सभी को पछाड़ते हुए सर्वाधिक 10 लाख अंक हासिल करके भी कानपुर में अपनी लोकप्रियता साबित कर चुके हैं। उनके ही नेतृत्व में दलित समाज के गरीब लोगों को कन्यादान, मेधावी छात्रों को पढ़ाई का खर्च भी उठाने वाली हजारों की दलित सदस्य संख्या वाली वह पुरानी संस्था श्री श्री 108 पीला मन्दिर आदर्श सेवा भी संचालित है ,जो आजादी के लिए सर्वस्व कुर्बान करने वाले अमर शहीद क्रांतिकारी गूंगा चौहान की याद में हर साल चुन्नीगंज में सबसे बड़े मेले का आयोजन भी करती है।




