बीकानेर जैन महाकुभ में कवि गुलजारी लाल जैन का काव्य पाठ यादगार पल बना
जबलपुर/ बीकानेर – अखिल भारतीय साधुमार्गीय जैन संघ के हुक्म नवम पट्टाधर आचार्य श्री रामलाल जी महाराज, बहुश्रुत उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनि जी शुभार्शीवाद-सान्निध्य में जैन साहित्य संगम व्दारा आयोजित त्रि-दिवसीय 27-28-29 सितम्बर 2026 तृतीय राष्र्टीय अधिवेशन का उद् घाटन समारोह पंजाब के राज्यपाल व चंडीगड़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया के मुख्य अतिथ्य में आदीनाथ भवन बीकानेर में मंगल शुभारंभ हुआ।
जिसमें विराट कविसम्मेलन व सम्मान समारोह आयोजित किया गया जिसमें जबलपुर नगर के हास्य व्यंग के कवि श्री गुलजारी लाल जैन ने “आई सावन की रिमझिम फुहार” रचना पढ़कर मंच पर वाह वाही लूटी हजारों श्रोताओं को बांधे रखा जिसे हृदय से सराहा गया। कवि सम्मेलन का संचालन श्री विमल भंडारी जी भोपाल ने किया। देश के विभिन्न क्षेत्र से पधारे कवियों ने भाग लिया।स्मृति चिन्ह से कवि श्री जैन का मंच पर काव्य कीर्ति सम्मान एवं कविता प्रतियोगिता “कर्म जैसा बोओगे वैसा पाओगे” में प्रशास्ति पत्र दिया गया।
श्री रितिक जैन ने कविता प्रतियोगिता में काव्य पाठ किया जिसकी सराहना की गई एवं मंच पर प्रशास्ति पत्र दिया गया। श्री मति प्रमिला जैन ने जैन साहित्य सम्मेलन में अपनी सहभागिता बड़ चड़ प्रदान की। जैन साहित्य संगम संस्थान के अध्यक्ष श्री जगदीप जैन” हर्षदर्शी” जी के प्रति आभार व्यक्त करता हूं जिन्होने कवियों को राष्र्टीय स्तर का मंच प्रदान किया।
राजस्थान की धरती के आध्यात्मिक एवं वाह वाह क्या बात है कार्यक्रम में सफलता प्राप्त कवि श्री जगदीप जैन जी हर्षदर्शी के भागीरथी प्रयासों को नमन वंदन जिनके मेहनत से जैन साहित्य संगम सम्मेलन एवं अधिवेशन ऊंचाईयों तक पहुंचा। इस आयोजन की कवि संगम त्रिपाठी संस्थापक प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा ने बधाई दी संस्कारधानी जबलपुर के कवि गुलजारी लाल जैन जी ने राजस्थान की धरती पर काव्य पाठ किया वह प्रेरणादायक है।



