जिला कृषि अधिकारी का निरीक्षण: एक विक्रेता का लाइसेंस निलंबित, टैगिंग व ओवररेटिंग पर सख्त चेतावनी

 

 

बलवान सिंह ब्यूरो चीफ बाराबंकी* बाराबंकी। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी राजित राम ने सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता, जिला प्रबंधक पीसीएफ एवं इफको अधिकारियों के साथ जनपद की समितियों पर उर्वरक उपलब्धता की समीक्षा की। समीक्षा में जिन समितियों पर 5 मीट्रिक टन अथवा 100 बोरी से कम उर्वरक शेष हैं, वहां तत्काल प्राथमिकता के आधार पर उर्वरक प्रेषण कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही आरओ के अनुसार शत-प्रतिशत उर्वरक शीघ्रता से भेजने के निर्देश जिला प्रबंधक पीसीएफ को दिए गए। बैठक में सहायक निबंधक सहकारिता से अपेक्षा की गई कि तहसीलवार संबंधित अपर जिला सहकारी अधिकारियों के माध्यम से समितियों पर उर्वरक उपलब्धता की प्रतिदिन जांच कराएं एवं जहां आवश्यकता हो वहां तत्काल प्रेषण की कार्रवाई सुनिश्चित कराएं।

जिला प्रबंधक ने बताया कि आज 22 समितियों — सूरतगंज, अशोकपुर, दिलौना, बड़ागांव संघ, बरदरी, भिलवल, हरख, लहसी, मियागंज, निंदूरा, रजौली, रामनगर संघ, बड़ागांव, सरैया, सेमरावां, शरीफाबाद, सैदनपुर, पिपरी मोहर, बांसगांव, कस्बा इचौली, गुरूसेल अनवारी पर यूरिया और 7 केंद्रों — भयारा, कैथा, दिलौना, तेजवापुर, थोक केन्द्रीय उपभोक्ता भंडार पारा इब्राहिम, सोहिलपुर और इफको सेंटर पर डीएपी/एनपीके की आपूर्ति कराई गई है।

जिला कृषि अधिकारी राजित राम ने बताया कि आज तहसील नवाबगंज एवं हैदरगढ़ क्षेत्र के 11 उर्वरक बिक्री केंद्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सादुल्लापुर के मेसर्स शिवा बीज भंडार एवं सैदनपुर के मेसर्स गुरूकृपा खाद भंडार द्वारा कोई अभिलेख प्रस्तुत न करने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। वहीं मवैया के मेसर्स रवि खाद भंडार पर रेट/स्टॉक बोर्ड न होने और बिक्री रजिस्टर अधूरा मिलने के चलते उनका उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र निलंबित किया गया।

सभी विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि किसी भी स्थिति में उर्वरक के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग न की जाए। किसानों को उर्वरक निर्धारित दर पर ही, उनकी जोत, भूमि अभिलेख और फसल संस्तुति के अनुसार पीओएस मशीन के माध्यम से दिया जाए और बिक्री रजिस्टर में उसका पूरा विवरण अंकित किया जाए। साथ ही किसानों को रसीद अनिवार्य रूप से प्रदान की जाए।

यदि टैगिंग या अधिक दर पर बिक्री की शिकायत मिलती है, तो दोषी विक्रेताओं के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जिला कृषि अधिकारी राजित राम ने स्पष्ट किया कि जनपद में इस समय पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। किसान आवश्यकता अनुसार ही उर्वरक खरीदें। किसी भी समस्या या शिकायत के लिए जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में कंट्रोल रूम 9116295764 पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संपर्क किया जा सकता है।

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