डॉ. प्रियव्रत शर्मा, पंडित तारा चरण झा एवं डॉ. रामरक्षा पाठक की लिखी किताबों से जीवन में सीखा: डॉ. चंद्रभूषण झा

79 साल का हुआ बेगूसराय का राजकीय अयोध्या शिवकुमारी आयुर्वेद महाविद्यालय

 

स्थापना दिवस पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किए गए महाविद्यालय के 33 चिकित्सक व शिक्षक

नन्दकिशोर दास

बेगूसराय ब्यूरो। राजकीय अयोध्या शिवकुमारी आयुर्वेद महाविद्यालय के 79 वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर के विद्वान एवं महाविद्यालय के पूर्ववर्ती छात्र डॉक्टर चंद्रभूषण झा को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान महाविद्यालय की स्थापना दिवस समारोह में दिया गया। जो आज महाविद्यालय के सभागार में धूमधाम पूर्वक मनाया गया।चिकित्सकों एवं छात्रों को संबोधित करते हुए काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर एमिररेटस डॉ चंद्रभूषण झा ने महाविद्यालय के संस्थापक स्व. अयोध्या प्रसाद सिंह को याद करते हुए इस महाविद्यालय के इतिहास को गौरवशाली बताया है। उन्होंने कई पुस्तकों के लेखक डॉ. प्रियव्रत शर्मा, पंडित तारा चरण झा एवं डॉ. रामरक्षा पाठक को स्मरित करते हुए कहा कि इनकी लिखी किताबों को पढ़कर ही अपने जीवन में बहुत कुछ सीखा। उन्होंने कहा कि पंडित शिवकुमार मिश्र ने न केवल भारत सरकार में आयुर्वेद के एडवाइजर का पद सुशोभित किया एवं डॉक्टर रामराज पाठक श्रीलंका सरकार के एडवाइजर रहे। प्राचार्य डॉक्टर श्रीनिवास त्रिपाठी ने कहा कि हमारा महाविद्यालय दिनोंदिन उत्तरोत्तर प्रगति कर रहा है। पहली मान्यता 19-20 सत्र में आने के बाद आज तक कई बाधाओं को पार करते हुए भी महाविद्यालय के हित में कार्य करते हुए हर साल मान्यता आई है। प्राचार्य ने महाविद्यालय के संस्थापक अयोध्या प्रसाद सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनके किए हुए कार्य से आज बेगूसराय गौरवान्वित हो रहा है। महाविद्यालय के उपाधीक्षक एवं पूर्ववर्ती छात्र समिति के सचिव डॉक्टर दिलीप कुमार वर्मा ने कहा कि प्राचार्य ने लगातार मेहनत कर महाविद्यालय की मान्यता बरकरार रखा है। पूर्ववर्ती छात्र समिति के अध्यक्ष डॉ लाल कौशल ने शिक्षकों, चिकित्सकों को महाविद्यालय के लिए काम करने की प्रेरणा दी। समारोह का संचालन शालाक्य तंत्र विभाग के विभाग प्रभारी प्रोफेसर डॉक्टर मुन्ना कुमार ने किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर श्रीनिवास त्रिपाठी को उनके कार्यकाल के तीन वर्ष पूरा होने पर अध्यक्ष डॉ लाल कौशल कुमार, सचिव डॉक्टर दिलीप कुमार वर्मा एवं सभी पूर्ववर्ती छात्रों ने “चाणक्य सम्मान” से शाल, प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के 33 चिकित्सकों शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर के सम्मानित किया गया। यह सम्मान प्रोफेसर एमेरिटस डॉक्टर चंद्रभूषण झा एवं प्राचार्य को द्वारा संयुक्त रूप से समर्पित किया गया। सम्मान पाने वालों में प्राचार्य डॉक्टर श्रीनिवास त्रिपाठी समेत उपाधीक्षक डॉक्टर दिलीप कुमार वर्मा, डॉक्टर गार्गी प्रसाद शुक्ला, डॉक्टर अखिलेश जायसवाल, डॉ भानु प्रताप राय डॉक्टर अखिलेश प्रसाद सिंह, डॉक्टर डॉक्टर किश्वर सुल्ताना, डॉ इंदु कुमारी, डॉक्टर शंभू कुमार, डॉक्टर नंदकुमार सहनी, डॉ वीजेंद्र कुमार, डॉक्टर संतोष कुमार सिंह, डॉक्टर प्रमोद कुमार, डॉक्टर लाल कौशल कुमार, डॉक्टर अनिल कुमार, डॉक्टर सुल्ताना परवीन, डॉक्टर सत्येंद्र कुमार सिंह, डॉ मुन्ना कुमार, डॉ रामनंदन सहनी, डॉक्टर ओमप्रकाश द्विवेदी, डॉक्टर आनंद मिश्रा, डॉक्टर रमन रंजन, डॉक्टर सुशांत कुमार, डॉ दिनेश कुमार, डॉक्टर मनीष कुमार आलोक, डॉक्टर अमलेश कुमार, डॉक्टर मुकेश कुमार, डॉक्टर प्रदीप कुमार वर्मा, डॉक्टर राजीव कुमार शर्मा, डॉक्टर रामसागर दास, डॉ माधुरी कुमारी, डॉक्टर उर्वशी सिंन्हा, डॉ अमलेश कुमार एवं डॉ मुकेश कुमार शामिल थे। इसके पूर्व महाविद्यालय से सेवानिवृत हुए डॉक्टर भानु प्रताप राय को भावभीनी विदाई दी गई।

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