81वीं जन्मदिवस पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को दी गई श्रद्धांजलि
नन्दकिशोर दास
बेगूसराय ब्यूरो। शहीद सुखदेव सिंह समन्वय समिति कार्यालय सर्वोदय नगर में उनकी 81वीं जन्मदिवस पर कार्यक्रम किया गया। जिसकी अध्यक्षता जेपी सेनानी संपूर्ण क्रांति मोर्चा व शिक्षक नेता अमरेंद्र कुमार सिंह ने की। अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की बुधवार को 81वीं जन्मदिवस है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी 20 अगस्त 1944 से 21मई में 1991 एक भारतीय राजनेता और पायलट थे। जिन्होंने 1984 से 1989 तक भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। उन्होंने अपनी मां तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद पदभार ग्रहण किया। 40 वर्ष की आयु में सबसे कम उम्र के भारतीय प्रधानमंत्री बने। उन्होंने 1989 के चुनाव में अपनी हार तक पदभार संभाला और फिर लोकसभा में विपक्ष के नेता बने। अपनी हत्या से 6 महीने पहले दिसंबर 1990 में इस्तीफा दे दिया। महिला सेल की सचिव सुनीता देवी ने कहा कि राजीव गांधी का महात्मा गांधी से कोई संबंध नहीं था। बल्कि वह राजनीतिक रूप से शक्तिशाली नेहरू गांधी परिवार से थे। जो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी से जुड़ा था। उनके बचपन के अधिकांश समय में उनके नाना जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री थे। गांधी जी ने दून स्कूल एक पुलिंग बोर्डिंग संस्था और फिर यूनाइटेड किंगडम में कैंब्रिज विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त की।
नरेश सिंह उर्फ मुन्ना समाजसेवी ने कहा कि 1980 में एक विमान दुर्घटना में संजय गांधी की मृत्यु के बाद गांधी अपनी मां के कहने पर निश्चय से राजनीतिक में आए अगले वर्ष उन्होंने अपने भाई की अमेठी संसदीय सीट जीती और भारतीय संसद के निचले सदन लोकसभा के सदस्य बने। अपने राजनीतिक प्रशिक्षण के एक हिस्से के रूप में राजीव गांधी को कांग्रेस पार्टी का महासचिव बनाया गया। 1982 के एशियाई खेलों में आयोजन के महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई। पवन कुमार शर्मा रोटी बैंक सहयोग समिति ने कहा कि गांधी 1991 के चुनाव तक कांग्रेस अध्यक्ष बने रहे। चुनाव प्रचार के दौरान लिखने के एक आत्मघाती हमलावर ने उनकी हत्या कर दी। 1991 में भारत सरकार ने गांधी को मानव प्राप्त देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर नाथो साव, अनिकेत पाठक छात्र नेता अनेकों ने पहले चित्र पर माल्यार्पण किया।




