पद्मा नदी के कटाव में बीएसएफ का वॉच टावर डूबा

 

मुर्शिदाबाद के रानीतला थाना क्षेत्र के अखेरीगंज स्थित राजापुर पतिबोना सीमा पर रविवार, 24 अगस्त की दोपहर स्थानीय लोगों ने एक भयावह दृश्य देखा। भारत-बांग्लादेश सीमा के पास स्थित बीएसएफ का एक वॉच टावर पद्मा नदी के कटाव के कारण नदी में समा गया। सुरक्षा टावर पल भर में ही गायब हो गया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह वॉच टावर पद्मा नदी के किनारे ही बना था। लगातार हो रहे कटाव के कारण नदी का किनारा हिलने लगा और नींव कमजोर हो गई। अंततः रविवार दोपहर यह नदी में समा गया।
एक स्थानीय निवासी ने बताया कि कटाव काफी समय से चल रहा था। उन्होंने कहा, “सभी समझ गए थे कि टावर अब ज्यादा दिन नहीं टिकेगा।”
घटना की खबर मिलते ही बिजली विभाग के कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुँचे। उन्होंने वॉच टावर से बिजली के उपकरण और सोलर पैनल हटाकर उन्हें बचाया। बाद में, उन्हें पास के बीएसएफ कैंप में रखा गया। स्थानीय लोगों ने भी बचाव अभियान में सक्रिय रूप से सहयोग किया।
प्रशासन का मानना ​​है कि टावर के गिरने से सीमा पर निगरानी में दिक्कतें आ सकती हैं। बीएसएफ सूत्रों के अनुसार, मामले की जाँच की जा रही है और वैकल्पिक निगरानी ढाँचा बनाने की योजना बनाई जा सकती है।
पद्मा नदी का कटाव कई वर्षों से मुर्शिदाबाद के लोगों के लिए भय का विषय रहा है। कटाव के कारण घर, खेत और सरकारी इमारतें लगातार नदी में समा रही हैं। इस बार सीमा सुरक्षा का बुनियादी ढाँचा भी उस भयानक कटाव का शिकार हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में और भी ज़्यादा नुकसान होने का खतरा है।

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