मोहम्मद रफी को लेकर विवादित बयान पर घिरीं आशा भोसले
विनोद कुमार
वरिष्ठ पत्रकार
भारतीय संगीत जगत की बहुमुखी प्रतिभा की धनी मशहूर गायिका आशा भोसले इन दिनों मोहम्मद रफी को लेकर विवादों से घिर गई हैं। इसको लेकर सोशल मीडिया पर खूब चर्चाये हो रही है।
92 वर्ष पूरी कर चुकीं आशा भोसले छह दशकों से अधिक लंबे करियर में 11,000 से भी ज्यादा गीत गाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराया। उनकी मधुर आवाज़ ने हिंदी सिनेमा को प्रेम गीतों से लेकर कैबरे और शास्त्रीय धुनों तक अनगिनत रंग दिए। लेकिन जहां उनकी गायकी को लेकर उन्हें सराहना मिली, वहीं विवाद भी उनके जीवन का हिस्सा रहे हैं।
हाल ही में आशा भोसले द्वारा महान गायक मोहम्मद रफी को लेकर की गई टिप्पणियां संगीत जगत में बहस का कारण बन गईं। रफी साहब को लेकर उनके बयानों पर संगीत प्रेमियों के साथ-साथ रफी साहब के पुत्र शाहिद रफी ने भी आपत्ति जताई है।
गौरतलब है कि आशा भोसले ने हाल के कई साक्षात्कारों में कहा कि उन्होंने कई युगल गीतों में मोहम्मद रफी की तुलना में बेहतर गाया। उनका कहना था कि मोहम्मद रफी गानों में क़इम्प्रोवाइज नहीं करते थे और जैसा संगीतकार कहते थे, वैसा ही गा देते थे। आशा भोसले की इन बातों को लेकर भारी विवाद हुआ और कई संगीत प्रेमियों ने उनकी आलोचना भी की।
फिल्मकार और संगीत विशेषज्ञ दीपक महान ने सिनेमा और संगीत पर केंद्रित एक यूट्यूब चैनल को दिए एक इंटरव्यू में आशा भोसले के हालिया बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आशा भोसले को इस उम्र में ऐसे बयानों से बचना चाहिए, क्योंकि ये उनके व्यक्तित्व पर सवाल खड़े करते हैं।
उन्होंने। कहा कि आशा भोसले महान गायिका रही हैं और उनकी बहुमुखी गायिकी का हर कोई कायल है। लेकिन अपनी महानता साबित करने के लिए उन्हें उस गायक को नीचा दिखाने की जरूरत नहीं है जो 45 साल से हमारे बीच नहीं हैं और जो अपनी बात कहने के लिए वापस नहीं आ सकता।
उन्होंने कहा कि मोहम्मद रफी साहब को लेकर आशा भोसले ने गैर-जरूरी तौर पर जो मनगढ़ंत बातें की हैं, उनसे यह आभास होता है कि उनके मन में रफी साहब को लेकर कहीं न कहीं ईर्ष्या के भाव रहे होंगे।
दीपक महान ने स्पष्ट किया कि मोहम्मद रफी की गायकी में लोच, विविधता और भावनात्मक गहराई ऐसी थी जिसे कोई अन्य गायक छू तक नहीं पाया। सर्वे और जनमत में भी रफी साहब लगातार शीर्ष पर रहे और उन्हें बड़े-बड़े संगीतकार, गीतकार और अभिनेता तक “ईश्वर की आवाज़” मानते रहे।




