वनद्वार के आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषाहार वितरण ठप, गर्भवती महिलाएं और बच्चे हो रहे वंचित
परियोजना पदाधिकारी की अनुपस्थिति के कारण श दो माह से आंगनबाड़ी केंद्रों में नहीं मिल रहा पोषाहार
नन्दकिशोर दास
बेगूसराय ब्यूरो। जिले की बाल विकास परियोजना बेगूसराय ग्रामीण इन दिनों गंभीर संकट से जूझ रही है। परियोजना पदाधिकारी की अनुपस्थिति के कारण पिछले लगभग दो माह से आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार, गैस और अंडे की आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। इस कारण केंद्रों पर आने वाले गर्भवती व धात्री महिलाएं, कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चे और प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने वाले नन्हे बच्चे योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं। वनद्वार पंचायत के सामाजिक कार्यकर्ता विक्रम सिंह ने कहा कि मूलभूत सुविधा नहीं मिलने से आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की संख्या तेजी से घट रही है। अभिभावक भी अब अपने बच्चों को केंद्र भेजने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पोषण आहार नहीं मिलने से बच्चों की शारीरिक व मानसिक वृद्धि पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। गर्भवती और धात्री महिलाओं को भी स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि सभी केंद्रों पर पोषाहार की आपूर्ति तत्काल बहाल की जाए और इस बात की निगरानी रखी जाए कि कोई भी बच्चों को लाभ से वंचित न हो। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी लापरवाही करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो जिले में कुपोषण की समस्या बढ़ती चली जायेगी। बच्चों की शारीरिक वृद्धि रुक सकती है और मातृ मृत्यु दर में भी वृद्धि की आशंका है। इसलिए विक्रम कुमार ने अपील की है कि सीडीपीओ पद पर स्थायी अधिकारी की नियुक्ति, पारदर्शी वितरण व्यवस्था और आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित निरीक्षण को सुनिश्चित किया जाए।



