सदर अस्पताल के जर्जर भवन का पिलर धंसने से मरीजों में हड़कंप
नन्दकिशोर दास
बेगूसराय ब्यूरो। सदर अस्पताल का दो मंजिला भवन अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है। किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है। लगातार मूसलधार बारिश के बाद भवन का एक पिलर धंस गया, जिससे मरीजों से लेकर चिकित्सक और कर्मियों तक में दहशत फैल गई। जानकारी के मुताबिक, पिछले 20 वर्षों से केवल मरम्मत कराकर इस भवन को किसी तरह बचाने की कोशिश की जा रही है। पश्चिम दिशा की ओर भवन को सहारा देने के लिए बनाए गए 29 पिलरों में से 22 पिलर जर्जर हो चुके हैं। बारिश के साथ ही कई पिलरों का निचला हिस्सा धंस रहा है और मलबा नीचे गिर रहा है। बीते 26 अगस्त को डीएस कार्यालय के प्रधान लिपिक के कमरे की छत का प्लास्टर भी टूटकर गिर गया था। वर्तमान में ग्राउंड फ्लोर पर डीएस कार्यालय, प्रसूता वार्ड, ओटी, सामान्य वार्ड और कैदी वार्ड संचालित होते हैं, जबकि प्रथम तल पर महिला वार्ड, दवा स्टोर, बर्न वार्ड और कई अन्य कार्यालय है। खास बात यह है कि सप्ताह में एक दिन दिव्यांगों की जांच के दौरान प्रथम तल पर 100 से अधिक लोगों की भीड़ जुट जाती है। ऐसे में मरीजों और कर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा बना हुआ है। विभागीय स्तर पर अब तक केवल छत की एपीपी रिफिलिंग और छोटे-मोटे मरम्मत कार्य कराए गए हैं, लेकिन भवन की जर्जर हालत को देखते हुए कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।



