2026 विधानसभा चुनाव का शंखनाद:

सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को सिलीगुड़ी के गोसाईपुर (बागडोगरा) में एक विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर चुनावी बिगुल फूंक दिया। उत्तर बंगाल को भाजपा का गढ़ माना जाता है, और शाह का यह दौरा यहाँ की खोई हुई जमीन को पूरी तरह मजबूत करने और नए राजनीतिक समीकरण बनाने के उद्देश्य से देखा जा रहा है।सिलीगुड़ी की इस मेगा सभा से अमित शाह ने एक साथ कई निशाने साधे:संगठनात्मक एकजुटता: उत्तर बंगाल के 5 संगठनात्मक जिलों (दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूचबिहार और उत्तर दिनाजपुर) के लगभग 6,000 चुनिंदा कार्यकर्ताओं के साथ शाह ने संवाद किया।पहाड़-समतल समीकरण: शाह का लक्ष्य पहाड़ (दार्जिलिंग-कालिम्पोंग) और समतल (तराई-डुआर्स) के बीच राजनीतिक समन्वय को बेहतर बनाना है, ताकि 2026 में बीजेपी एकतरफा बढ़त हासिल कर सके।भ्रष्टाचार और घुसपैठ पर प्रहार: अपने संबोधन में शाह ने राज्य की तृणमूल सरकार पर भ्रष्टाचार, घुसपैठ और तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कार्यकर्ताओं को ‘घर-घर’ जाने का मंत्र दिया।राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सिलीगुड़ी उत्तर बंगाल का प्रवेश द्वार है। यहाँ से दी गई हुंकार का असर पूरे उत्तर बंगाल की 54 विधानसभा सीटों पर पड़ता है। शाह ने स्पष्ट किया कि:2026 में बीजेपी का लक्ष्य दो-तिहाई बहुमत के साथ बंगाल में सरकार बनाना है।उत्तर बंगाल की विकास योजनाओं और पहचान के मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी।पार्टी कार्यकर्ताओं को ‘बूथ स्तर’ पर सक्रिय होकर टीएमसी के कथित कुशासन के खिलाफ लड़ने का निर्देश दिया गया है।
माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस मैदान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। उत्तर बंगाल के विभिन्न कोनों से आए कार्यकर्ताओं के जोश ने यह साफ कर दिया कि आने वाले चुनाव में मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है।



