नए साल की शुरुआत में ही ‘प्रवर्तक जूट मिल’ पर लगा ताला, 1000 श्रमिक रातों-रात हुए बेरोजगार

अजित प्रसाद,कोलकाता : नए साल की शुरुआत जहां खुशियों के साथ होनी चाहिए थी, वहीं कामरहट्टी के ‘प्रवर्तक जूट मिल’ के श्रमिकों के लिए यह किसी आपदा से कम नहीं रही। साल के शुरू होते ही मिल प्रबंधन ने अचानक कारखाने के गेट पर ताला लगा दिया है। मिल के मुख्य द्वार पर ‘अनिश्चितकालीन बंदी’ का नोटिस चस्पा किए जाने के बाद लगभग 1000 श्रमिक रातों-रात सड़क पर आ गए हैं।आज सुबह जैसे ही श्रमिक काम पर पहुंचे, उन्होंने गेट पर फैक्ट्री बंद होने का नोटिस देखा। इसके बाद इलाके में तनाव फैल गया। श्रमिकों ने बीटी रोड (BT Road) जाम कर अपना विरोध दर्ज कराया। गुस्साए मजदूरों का कहना है कि कारखाने में कच्चे माल (कच्चा जूट) का पर्याप्त भंडार है और उत्पादन भी सही चल रहा था, फिर अचानक मिल बंद करने का फैसला क्यों लिया गया? अचानक काम छूट जाने से परिवार का भरण-पोषण कैसे होगा। नया सत्र शुरू हो चुका है और स्कूलों में दाखिले चल रहे हैं, ऐसे में फीस और अन्य खर्चों को लेकर मजदूर चिंतित हैं। इधर सड़क जाम की सूचना मिलते ही बेलघरिया थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। प्रदर्शनकारी श्रमिकों को हटाने के दौरान पुलिस और मजदूरों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। सड़क जाम होने के कारण काफी समय तक यातायात बाधित रहा और लंबा जाम लग गया।इस पूरे मामले पर मिल प्रबंधन ने अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और न ही बंदी का कोई ठोस कारण बताया है। इधर बिमल साहा (काउंसिलर) ने श्रमिकों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की और कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना के मिल बंद करना अनुचित है। वहीँ सायंदीप मित्रा (CPIM राज्य समिति सदस्य) ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे श्रमिक विरोधी कदम बताया और मांग की कि जल्द से जल्द मिल खोली जाए ताकि मजदूरों को राहत मिल सके।वर्तमान में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। श्रमिक इस मांग पर अड़े हैं कि प्रबंधन स्पष्ट करे कि कारखाना दोबारा कब खुलेगा।


