भारत के सर्वोच्च न्यायालय पर हमला — राष्ट्र की आत्मा पर प्रहार है : सूरज भान कटारिया
कुरुक्षेत्र , भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सूरज भान कटारिया ने आज कहा है की सर्वोच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री भूषण गवई पर हुआ हमला केवल एक घटना नहीं, यह भारत के संविधान की छाती में घोंपा गया खंजर है! उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा है की देश की न्यायव्यवस्था पर किया गया यह वार — विवेक, संस्कार और सभ्यता के शव पर जलती हुई दंगाई मशाल है। यह किसी अनसूचित वर्ग से सम्बन्धित एक व्यक्ति पर हमला नहीं, यह राष्ट्र की आत्मा को चीरने का, भारत की न्याय देवी के मस्तक पर राख मलने का निर्लज्ज, विकृत और भयावह प्रयास है! जिसके हाथ में सर्वोच्य न्याय है, उस पर हाथ उठाने वाला – समाज का शत्रु है, राष्ट्र का अपराधी है, लोकतंत्र का हत्यारा है! कटारिया ने आगे कहा है की ऐसी प्रवृत्तियों के हाथ तोड़ने होंगे, उनके विचारों की रीढ़ चूर करनी होगी, क्योंकि न्याय के विरुद्ध खड़ा होना, मानवता के विरुद्ध युद्ध छेड़ने के समान है!




