एससी/एसटी एक्ट में एफआईआर के बावजूद नहीं हो रही भानु विग, पूर्व प्रिंसिपल की गिरफ्तारी

 

अश्विनी वालिया
कुरुक्षेत्र: एससी कमीशन भारत सरकार के आदेश के बाद कुरुक्षेत्र पुलिस ने 21 मार्च 2025 को भानु विग, पूर्व प्रिंसिपल आईएचएम, ज्योतिसर कुरुक्षेत्र के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट में एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि नवंबर 2017 में भानु विग ने आईएचएम कुरुक्षेत्र के अनुसूचित जाति के लेक्चरर रवि कुमार सिंह को अपने कार्यालय में तीन अन्य अध्यापकों के सामने जाति सूचक शब्द कहे और भविष्य में देख लेने की धमकी दी।
तत्कालिन जांच अधिकारी जीत सिंह ने अपनी जांच में पाया कि शिकायतकर्ता के गवाह मौके पर मौजूद थे, जबकि बचाव पक्ष के गवाह मौके पर नहीं थे। इसके अलावा, बचाव पक्ष द्वारा प्रस्तुत शपथ पत्रों में बड़ा फर्जीवाड़ा पाया गया। कुल 17 शपथ पत्र वीरेंद्र सिंह सहायक द्वारा हस्ताक्षर करके अन्य कर्मचारियों के नाम से खरीदे गए थे, जिनमें से सिर्फ़ 14 शपथ पत्र जमा किए गए जिसमे सभी की भाषा एक जैसी थी। और अशोक कुमार के नाम से खरीदा गया शपथ पत्र अमित कुमार के नाम से जामा किया ।
जांच में यह भी पाया गया कि भानु विग ने शिकायतकर्ता का मानसिक उत्पीड़न और जातिगत शोषण किया गया, जांच अधिकारी ने एससी/एसटी एक्ट में एफआईआर दर्ज करके जांच पड़ताल करने की अनुमति मांगी। परंतु तत्कालीन डीएसपी गुरमेल सिंह ने पर्याप्त सबूत नहीं होने का हवाला देते हुए शिकायत को बंद कर दिया। बाद में शिकायतकर्ता और गवाहों को परेशान किया गया पुलिस और पर्यटन विभाग को मैनेज करके एक पक्ष कार्रवाई करते हुए 150 में चालान कटवाए और फिर बिना शिकायत में नाम के भानु विग ने सेक्सुअल हैरेसमेंट में एक एफआईआर नंबर 0313 रवि कुमार के खिलाफ़ दर्ज कराई और कई दिनों तक अख़बार में ख़बर निकलवाई, जो बाद में जांच में झूठी पाये जाने पर कैंसिल कर दी गई।
पर्यटन विभाग पर आरोप है कि उसने जातिगत भेदभाव और पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाते हुए इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि शिकायतकर्ता ने कई बार शिकायत की थी। इसके विपरीत शिकायत कर्ता और मौके के गवाहों के खिलाफ़ भानु विग ने पर्यटन विभाग को मैनेज करते हुऐ कार्यवाही की जिस कारण कूटरचित षड्यंत्र रचते हुए बिना किसी शिकायत और नियम के कुर्सी का दुरुपयोग करते हुए शिकायत कर्ता को घर बिठा दिया गया और मौके के गवाह हाईकोर्ट से स्टे पर नौकरी कर रहे हैं और उनकी एसीआर खराब करते हुए एसीपी और प्रमोशन रोक दिए गए हैं इसके अलावा, भानु विग के खिलाफ कई अन्य अपराधिक मामलों में भी केस विचाराधीन है, जिनमें फर्जी भर्ती और अन्य धाराएं शामिल हैं।भानु विग को 55 साल की उम्र में अयोग्य होने के बावजूद सहानुभूति के आधार पर एक्सटेंशन दिया गया और एक अन्य कॉलेज का प्रधानाचार्य भी बना दिया गया। पर्यटन विभाग को भी अपनी भूमिका की समीक्षा करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
डीएसपी शहर कुरुक्षेत्र द्वारा शिकायतकर्ता और गवाहों के बयान दर्ज होने के बावजूद भानु विग की गिरफ्तारी नहीं होने से गवाहों में डर का माहौल है। गवाहों ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि भानु विग और उनके सहयोगियों से उन्हें खतरा है क्योंकि भानु विग की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है। पुलिस से मांग की है कि भानु विग की गिरफ्तारी जल्द से जल्द की जाए।

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