बड़हिया में ब्राह्मणों को रंगदारी में भूमिहारों ने शामिल किया और बदमाश बनाया!
अपराध मुक्त बिहार:लखीसराय
राजीव कुमार झा
ब्राह्मणों ने बड़हिया को धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान प्रदान किया और आज भी यहां के भूमिहार उनको सरकार कहते हैं। सारी बात मान लेते हैं। लेकिन जब बड़हिया में रंगदारी शुरू हुई तो ब्राह्मणों का नाम भी उसमें सुनाई देने लगा और खूंखार अपराधियों की लिस्ट में आज भी यहां भूमिहारों के साथ ब्राह्मणों का नाम भी शामिल है। वे अपने घरों में ढेर सारी अवैध बंदूकें कट्टे और भाले रखते हैं। उनको देखकर लोग डर जाते हैं और वे आपको साधु संन्यासी के रूप में भी दिखाई दे सकते हैं। पहले ब्राह्मण रंगदारी में शामिल नहीं थे और कहा जाता है कि भूमिहारों ने अपने जमाने में काफी ब्राह्मणों को रंगदारी में शामिल किया और बदमाश बनाया । आज बड़हिया के ब्राह्मण किसी को भी बात से बात पर तमाचे जड़ देते हैं और पहले ज्यादा कहासुनी होने पर गोली भी दाग दिया करते थे। पुलिस ने इनको बराबर सबक सिखाया और जेल भेजा। बड़हिया में ब्राह्मण रंगदारों का पैसा वसूलने बाजार जाते थे और गोली बारी में भाग लिया करते थे। बड़हिया में पिछड़ी जातियों के कारोबारियों से रंगदारी वसूलने का चलन काफी पुराना है और इसीलिए यहां से मारवाड़ियों ने कारोबार समेट लिया। ब्राह्मणों से भी रंगदारी वसूली की चेष्टा की जाती रही है। ऐसा माना जाता है कि बड़हिया में इससे अपने बचाव में ब्राह्मणों ने हथियार उठाया था और फिर अपराध के दल-दल में फंसकर इस जाति के काफी लोग जेल गये थे और हत्या के शिकार होने के अलावा उनकी इज्जत प्रतिष्ठा भी खत्म हो गयी थी। यहां रंगदारी वसूली के काम में शामिल लोगों के गिरोह बनते रहते हैं और पहले बड़हिया में एक जाति विशेष के लोग रंगदार के रूप में यहां आपस में भयावह मार-काट किया करते थे। बड़हिया गांव श्मशान बनता जा रहा था और फिर यहां नीतीश कुमार के मुख्यमंत्रित्व काल में यह सब नियंत्रित भी होता दिखाई दे रहा था।




