मालदा में धान खरीद केंद्र पर ‘बिहार का खेल’, दलालों के कब्जे में मंडी

स्थानीय किसानों ने किया उग्र प्रदर्शन

 

अजित प्रसाद, विशेष संवाददाता हरिश्चंद्रपुर (मालदा) | पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के हरिश्चंद्रपुर अंतर्गत तुलसीहाटा सरकारी धान खरीद केंद्र में एक बड़े भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्थानीय किसानों को दरकिनार कर बिचौलियों के माध्यम से पड़ोसी राज्य बिहार का निम्न स्तर का धान ऊंचे दामों पर सरकारी मंडियों में खपाया जा रहा है। इस घटना को लेकर बुधवार को किसानों ने मंडी के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
बिहार का निम्न गुणवत्ता वाला धान और ‘धलता’ का खेल
स्थानीय किसानों का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस के कुछ स्थानीय नेताओं के संरक्षण में एक सक्रिय दलाल चक्र (रैकेट) काम कर रहा है। ये दलाल बिहार से सस्ता और घटिया धान लाकर यहाँ बेच रहे हैं। इसके अलावा, सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए किसानों से प्रति क्विंटल धान पर 5 किलो अतिरिक्त धान लिया जा रहा है, जो पूरी तरह से अवैध है।

सरकारी कर्मचारी ने कबूली दलालों की मौजूदगी
हैरानी की बात यह है कि धान खरीद केंद्र के प्रभारी सरकारी कर्मचारी मतिउर रहमान ने कैमरे के सामने दलालों की सक्रियता की बात स्वीकार की है। उन्होंने माना कि बिचौलियों के दबाव के कारण बिहार का धान यहाँ बेचा जा रहा है।

तृणमूल में गुटबाजी और भाजपा का तीखा हमला
इस भ्रष्टाचार के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस का ही एक धड़ा सड़कों पर उतर आया है। हरिश्चंद्रपुर ब्लॉक 1 पंचायत समिति में टीएमसी के विपक्षी गुट के नेता स्वपन अली ने विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए कहा:

“दलालों के कारण हमारे बंगाल के किसान मंडी तक नहीं पहुँच पा रहे हैं। जहाँ बंगाल के किसानों से 90 क्विंटल धान खरीदा जाना चाहिए, वहां केवल 15 क्विंटल लिया जा रहा है और बाकी कोटा बिहार के धान से भरा जा रहा है।”

वहीं, भाजपा ने इस पूरे मामले पर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है। दक्षिण मालदा भाजपा के नेतृत्व का आरोप है कि बिना सत्ताधारी दल के बड़े नेताओं की मिलीभगत के इतना बड़ा घोटाला संभव नहीं है। उन्होंने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है।

किसानों का भविष्य अधर में
मंडी में मचे इस बवाल के कारण वास्तविक किसान अपनी फसल को कम दाम पर बिचौलियों को बेचने पर मजबूर हैं। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस दलाल चक्र को तोड़ने और बंगाल के किसानों को उनका हक दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है।

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