कोलकाता में धरना मंच पर आदिवासी महिलाओं के साथ शामिल हुईं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर आदिवासी कल्याण योजनाओं के फंड को रोकने का आरोप
अजित प्रसाद,कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज कोलकाता में आयोजित एक धरना मंच पर आदिवासी महिलाओं के साथ शामिल होकर अपनी एकजुटता प्रदर्शित की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध जताते हुए आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया।कोलकाता के मध्य में स्थित धरना स्थल पर जब मुख्यमंत्री पहुँचीं, तो आदिवासी महिलाओं ने पारंपरिक संगीत और नृत्य के साथ उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने न केवल उनकी समस्याओं को सुना, बल्कि उनके साथ बैठकर चर्चा भी की।मुख्यमंत्री को आदिवासी महिलाओं के साथ पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर कदम मिलाते और उनके साथ धमार (पारंपरिक नृत्य) में हिस्सा लेते देखा गया। ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल की मिट्टी में रहने वाले हर समुदाय, विशेषकर आदिवासी भाई-बहनों के जल, जंगल और जमीन के अधिकारों के साथ कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा।इस दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर आदिवासी कल्याण योजनाओं के फंड को रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा:”आदिवासी महिलाएं हमारे समाज की शक्ति हैं। हम उनके अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक लड़ेंगे। केंद्र सरकार बंगाल के लोगों के साथ भेदभाव करना बंद करे।”इस कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री ने एक बार फिर यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह राज्य के पिछड़े और आदिवासी समुदायों के साथ मजबूती से खड़ी हैं।



