चुनाव आयोग के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली रवाना हुईं ममता बनर्जी, रामलीला मैदान में I.N.D.I.A. गठबंधन के प्रदर्शन में होंगी शामिल
*अजीत प्रसाद/*कोलकाता:** चुनाव आयोग के कामकाज, कथित वोट चोरी, ईवीएम और मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चाबंदी तेज कर दी है। इसी क्रम में रविवार, 1 नवंबर को नई दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में I.N.D.I.A. गठबंधन की ओर से विशाल विरोध प्रदर्शन और पदयात्रा आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी शनिवार दोपहर कोलकाता से दिल्ली के लिए रवाना हो गईं।
इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाना और उसकी निष्पक्षता को लेकर विपक्ष की चिंताओं को सामने रखना है। विपक्षी गठबंधन की ओर से चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी उठाई जा रही है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता प्रभावित हो रही है और मतदाता सूचियों में कथित तौर पर मनमाने बदलाव किए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों पर चुनाव आयोग का पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।
**लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का मुद्दा उठाएंगी ममता**
दिल्ली रवाना होने से पहले और सोशल मीडिया के माध्यम से ममता बनर्जी ने विपक्षी एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने इस आंदोलन को देश के नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से जुड़ा बताया। उनका कहना है कि प्रत्येक नागरिक को अपनी पसंद का प्रतिनिधि चुनने का अधिकार है और इस अधिकार की रक्षा करना सभी लोकतांत्रिक दलों की जिम्मेदारी है।
तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की तैयारी की गई है। ममता बनर्जी के दिल्ली दौरे को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि चुनाव आयोग के मुद्दे पर विपक्षी दल एक साझा मंच से अपनी आवाज उठाने जा रहे हैं।
**रामलीला मैदान में जुटेंगे विपक्षी दलों के नेता**
रविवार को आयोजित होने वाले इस विरोध प्रदर्शन और पदयात्रा में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, वामदल, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी समेत I.N.D.I.A. गठबंधन के विभिन्न घटक दलों के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।
इस कार्यक्रम के जरिए विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, ईवीएम और मतदाता सूची से जुड़े अपने सवालों को सार्वजनिक रूप से उठाएंगे। साथ ही चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग भी की जाएगी।
ममता बनर्जी के साथ तृणमूल कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं के भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की तैयारी है। दिल्ली में उनके आगमन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
राजनीतिक गलियारों में इस आयोजन को विपक्षी एकजुटता के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। अब सबकी नजर रविवार को रामलीला मैदान में होने वाले प्रदर्शन और उसमें विपक्षी नेताओं की ओर से दिए जाने वाले बयानों पर टिकी है।




