पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया (SIR) के दौरान काम के भारी दबाव एक और बीएलओ (BLO) की मौत

 

मालदा, पश्चिम बंगाल : पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया (SIR) के दौरान काम के भारी दबाव और मानसिक तनाव के कारण एक और बीएलओ (BLO) की मौत का मामला सामने आया है। मालदा के सुजापुर इलाके में तैनात 56 वर्षीय बीएलओ मोहम्मद अनिकुल आलम की गुरुवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद इलाके में शोक की लहर है और राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।मृतक मोहम्मद अनिकुल आलम कालियाचक हाई स्कूल में भूगोल के शिक्षक थे। उन्हें सुजापुर विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 144 में बीएलओ की जिम्मेदारी दी गई थी। परिजनों के अनुसार बुधवार को उनके पास एक मैसेज आया जिसमें उनके बूथ के 43 नामों को जांच के लिए वापस भेजा गया था। हैरानी की बात यह थी कि उस संदिग्ध सूची में खुद अनिकुल बाबू और उनके परिवार का नाम भी शामिल था। इससे पहले 2 फरवरी को वे सपरिवार ‘हियरिंग’ (सुनवाई) के लिए हाजिर हुए थे। दोबारा उसी प्रक्रिया में नाम आने से वे गहरे मानसिक सदमे में थे। बुधवार रात से ही उन्हें बेचैनी महसूस हो रही थी। गुरुवार सुबह स्थिति बिगड़ने पर उन्हें निजी नर्सिंग होम ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।अनिकुल बाबू के परिवार में उनकी पत्नी सालेहा खातून और दो बेटे हैं। पत्नी लंबे समय से बीमार चल रही हैं, जिसके कारण वे पहले से ही तनाव में थे।

एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के बढ़ते दबाव ने उनकी स्थिति और गंभीर कर दी थी।इस मौत ने राज्य की राजनीति में उबाल ला दिया है:तृणमूल कांग्रेस (TMC): टीएमसी नेतृत्व ने इस मौत के लिए सीधे तौर पर चुनाव आयोग और भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि जानबूझकर जटिल प्रक्रियाओं के जरिए सरकारी कर्मचारियों पर असहनीय दबाव डाला जा रहा है।भाजपा (BJP): भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि टीएमसी एसआईआर प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश कर रही है और वे ही बीएलओ पर गलत काम करने का दबाव बना रहे हैं, जिससे उनकी मानसिक स्थिति बिगड़ रही है।जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रिपोर्ट तलब की है, जबकि शिक्षक संगठनों ने बीएलओ ड्यूटी के दौरान सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करने की मांग की है।

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