दिल्ली विस्फोट : कानपुर के जीएसबीएम मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर भी रह चुकी आतंकी शाहीन, जारी गहन छानबीन

कानपुर के सरकारी अस्पताल में नियुक्त डॉक्टर से किया था प्रेम विवाह,बाद में तलाक देकर हुई गायब,

 

सुनील बाजपेई
कानपुर। दिल्ली में लाल किले के पास भीषण विस्फोट कर नौ लोगों की जान लेने वाले आतंकियों के बारे में छानबीन लगातार जारी है ,जिसके क्रम में कानपुर में भी डॉक्टर रही आतंकी शाहीन से जुड़े हर बिंदु की गहराई से छानबीन की जा रही है। वह कानपुर के जीएसबीएम मेडिकल कॉलेज में भी नियुक्त रह चुकी है। साथ ही उसने यहीं पर केपीएम अस्पताल में नियुक्त नेत्र रोग विशेषज्ञ से प्रेम विवाह भी किया था और कुछ साल पहले पति को छोड़कर भी चली गई थी। इसके बाद से ही वह आतंकवाद के रास्ते पर चल पड़ी।
मिली जानकारी के मुताबिक साल 2006 में शाहीन ने कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज में नौकरी शुरू की। उसने यहां फॉर्माकोलॉजिस्ट डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर जॉइन किया था।
साथ ही अभी बताया गया कि इसके बाद शाहीन 2013 जीएसवीएम कालेज में फॉर्माकोलॉजी की प्रोफेसर रही। लेकिन उसके बाद साल 2013 में वह अचानक गायब हो गई ,जिसके बारे मे किसी को पता नहीं चला।
जांच एजेंसियों ने इस बारे में अब तक जो जानकारी हासिल की है । उसके मुताबिक एक दिन अचानक शाहीन ने कानपुर छोड़ दिया। इसके भी पीछे जो कहानी बताई गई है। उसके अनुसार शाहीन शाहिद के पिता लखनऊ के लालबाग में रहते हैं। लेकिन, डॉ. शाहीन ने प्रयागराज से MBBS से किया था। इसके बाद ही उसने GSVM में नौकरी की। इसके बाद उसने नेत्र चिकित्सक डॉ. जफर सईद से निकाह किया।
मिली जानकारी केअनुसार लेकिन, डॉ. जफर से उसका रिश्ता ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाया। और उसने उनसे तलाक ले लिया। इसी के कुछ दिन बाद वह आतंकी डॉ. मुजम्मिल की गर्लफ्रेंड बन गई।
अब अगर शाहीनके यहां के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेजवाले कार्यकालकी बात करें तो सूत्रों से पता चला है कि साल 2009 में 6 महीने के लिए उसका ट्रांसफर कन्नौज मेडिकल कॉलेज में कर दिया गया। इसके बाद 2010 में वह वापस कानपुर आ गई।
इस बीच और भी जो जानकारी मिली है । उसके मुताबिक, 2013 में डॉ. शाहीन कॉलेज को बिना कोई सूचना दिए ही अनुपस्थित हो गई थी। इसके बाद कॉलेज ने उसको कई लेटर भेजे। फिर उसको नोटिस भी भेजे गए। लेकिन, शाहीन ने किसी नोटिस का जवाब नहीं दिया। कॉलेज के शाहीन के अन्य साथियों ने भी संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसके बारे में कुछ पता नहीं चला। जिसके परिणाम स्वरूप शासन ने, 2021 में उसे नौकरी से बाहर कर दिया था। फिलहाल जांच एजेंसियां आतंकी शाहीन से जुड़े हर बिंदु की गांड से छानबीन में जुटी है। जिसके बारे में कुछ चौंकाने वाली जानकारियां भी सामने आने की संभावना व्यक्ति की गई है।

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