दिलीप बर्मन पार्टी के ही 36 पार्षदों पर पर भारी, अब सभी ने करवाई की लगाई गुहार
अजित प्रसाद / सिलीगुड़ी: बगावत के मूड में मेयर पार्षद दिलीप बर्मन एक अकेला सभी 36 नगर निगम में टीएमसी पार्षद पर भारी पर रहे है। यही कारण है कि अब उनके खिलाफ टीएमसी के सभी 36 पार्षदों को दिलीप बर्मन के खिलाफ कार्रवाई की मांग ममता बनर्जी से करनी पड़ी है। वहीं दिलीप बर्मन का आरोप है कि जिस प्रकार नगर निगम में मेयर ओर उपमेयर अवैध निर्माण के नाम पर भ्रष्टाचार में लिप्त है उनपर कारवाई की जाय। उन्होंने कई उदाहरण दिए जिसमें टीएमसी जिला पार्टी कार्यालय के निकट मरम्मती के नाम पर चल रहे अवैध निर्माण की बात कही है। नगर निगम में टीएमसी मेयर परिषद सदस्य दिलीप बर्मन के खिलाफ सतारूढ़ दल के 36 पार्षदों ने एकजुट होकर राज्य सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की है। पार्षदों का कहना है कि दिलीप वर्मन बार-बार बोर्ड के विशेष रूप से मेयर गौतम देव एवं डिप्टी मेयर रंजन साकार के खिलाफ कई आरोप लगाते हुए विवादों में घिरते जा रहे है। नगर निगम बोर्ड बैठक से 30 जुलाई को उन्हें बाहर कर दिया गया था। हालांकि मेयर परिषद सदस्य है। विभाग सब उनके पास ही हाल है। राज्य साकार की ओर से उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।. जिसका उन्होंने जवाब भी दिया है।पार्षदों की ओर से 18 नम्वर के पार्षद संजय शर्मा ने मोर्चा संभाला और दिलीप बर्मन पर पार्टी के खिलाफ छवि खराब करने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि दिलीप बर्मन के बयान की जानकारी देते हुए राज्य सरकार को पत्र भेजा जायेगा। दिलीप बर्मन के पास कोई प्रमाण है, तो वे कानूनी रास्ता अपनायें या बोर्ड बैठक में आकर बोले। पार्टी की छवि आम लोगों के बीच क्यों उछाल रहे है। दिलीप वर्मन जिस तरह का बयान मीडिया में देकर मेयर एवं एर्व डिप्टी डिप्टी मेयर को बदनाम बदनाम कर रहे हैं, उसका वे लोग सीधे विरोध करते हैं। वे एक निर्वाचित प्रतिनिधि है एवं एक एमआईसी हैं। बीते मंगलवार को 46 नम्बर में अवैध निर्माण तोड़ने को लेकर फिर से दिलीप बर्मन विवादों के गये, क्योंकि उन्होंने इसका विरोध किया था। राजवंशी समुदाय से जोड़ कर मामले को तूल दिया जा रहा है। इस प्रकार की राजनीति टीएमसी पार्टी कभी ना की है और आगे भी नहीं करेंगे।




