अंतर्राष्ट्रीय विज़न ज़ीरो सम्मेलन तकनीकों और स्मार्ट उपकरणों का उपयोग कर दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है:विशेषज्ञ

 

अखिलेश अखिल
वरिष्ठ पत्रकार

नयी दिल्ली,9 अक्टूबर 2025 (एजेंसी)। विशेषग्यों ने कहा है, कि डिजिटल तकनीकों और स्मार्ट उपकरणों का उपयोग कर दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है या समाप्त किया जा सकता है,जो दुनियां के लिए चिंता का विषय है।

यह बात कल यहां इंडिया हैबिटेट सेंटर (आईएचसी) में संपन्न एक सम्मेलन में विशेषग्यों ने कही।
ऐसा सम्मेलन का आयोजन अंतर्राष्ट्रीयक़ सामाजिक सुरक्षा संघ (आईएसएसए), डीजीयूवी जर्मनी( जर्मन दूतावास) और ओएसएच अकादमी, नोएडा के सहयोग से किया गया था।

यह “डिजिटलीकरण और स्थिरता के एकीकरण” पर चौथा अंतर्राष्ट्रीय विज़न ज़ीरो सम्मेलन था। विशेषज्ञों ने कहा कि वैश्विक दुर्घटना निवारण और कार्यस्थल सुरक्षा को बढ़ाने के लिए सामूहिक और कार्रवाई योग्य कदमों की तत्काल आवश्यकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि विज़न ज़ीरो दृष्टिकोण को अपनाकर दुनिया भर में एक सुरक्षित, स्वस्थ और दुर्घटना-मुक्त कार्य वातावरण को बढ़ावा दिया जा सकता है।

इस कार्यक्रम में 250 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख सुरक्षा विशेषज्ञ, नीति निर्माता, सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि और भारत और विदेश के शिक्षाविद शामिल थे।

प्रतिनिधियों ने सुरक्षित कार्यस्थलों के लिए एक वैश्विक रोडमैप विकसित करने, सर्वोत्तम प्रथाओं, केस स्टडीज़ और नवीन डिजिटल उपकरणों का आदान- प्रदान करने और सुरक्षा और स्थिरता के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने पर भी बल दिया।

उद्घाटन सत्र में प्रो. कार्ल-हेंज नोएटेल, अध्यक्ष,आईएसएसए कंस्ट्रक्शन, जर्मनी और डॉ. अवनीश सिंह, पूर्व महानिदेशक, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार और अंतर्राष्ट्रीय समन्वयक, विज़न ज़ीरो रेटिंग सिस्टम जैसे प्रतिष्ठित वक्ताओं ने भाग लिया।

दोनों वक्ताओं ने विज़न ज़ीरो अवधारणा के विकास का वर्णन किया और सुरक्षा की संस्कृति को विकसित करने में शिक्षा और जन जागरूकता की परिवर्तनकारी भूमिका पर जोर दिया।

इसके बाद विज़न ज़ीरो रेटिंग सिस्टम पर चार तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें भारत और विदेश के प्रख्यात वक्ताओं ने व्यावहारिक कार्यान्वयन रणनीतियों पर बहुमूल्य अंतर्दृष्टि साझा की। एल.एस.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button