एनआईए की चार्जशीट में एलईटी चीफ हाफ़िज़ सईद आरोपी
विशेष संवाददाता
जम्मू। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने सोमवार ;6 जुलाई. को पहलगाम में हुए भयानक आतंकी हमले के मामले में अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी और लश्कर.ए.तैयबा के प्रमुख हाफ़िज़ सईद को आरोपी बनाया है। एक बयान के मुताबिक, जम्मू की एनआईए स्पेशल कोर्ट में दायर अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में, एंटी.टेरर एजेंसी ने हाफ़िज़ सईद पर व्यक्तिगत तौर पर और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर.ए.तैयबा और उसके सक्रिय प्रॉक्सी संगठन, श्द रेजिस्टेंस फ्रंट के प्रमुख के तौर पर आरोप लगाए हैं।
आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता और गैर.कानूनी गतिविधियां ;रोकथाम अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। एनआईए जम्मू ने चार्जशीट में आरोपी पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सीमा पार से साजिश रचने से जुड़ी दंडात्मक धाराओं को भी लागू किया है। बयान के अनुसार, 1,597 पन्नों की मूल चार्जशीट के बाद दायर इस चार्जशीट में पाकिस्तान की साजिश, सईद की भूमिका और एनआईए द्वारा गहन वैज्ञानिक जांच और ज़मीनी पड़ताल के ज़रिए मामले में जुटाए गए सबूतों का विवरण दिया गया है। 15 दिसंबर, 2025 को दायर अपनी पिछली चार्जशीट में एनआईए ने पाकिस्तानी हैंडलर साजिद जट्ट को आरोपी बनाया था, साथ ही जुलाई 2025 में ऑपरेशन महादेव के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए तीन आतंकवादियों और गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों को भी इसमें शामिल किया था। इसने पहलगाम आतंकी हमले की योजना बनाने, उसे सुविधाजनक बनाने और उसे अंजाम देने में अपनी भूमिका के लिए प्रतिबंधित आतंकी संगठन पर एक कानूनी इकाई के तौर पर भी आरोप लगाए।
22 अप्रैल 2025 को जम्मू.कश्मीर के पहलगाम में हुए जानलेवा हमले में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने धर्म के आधार पर लोगों को निशाना बनाकर मारा। इस हमले में 25 बेगुनाह पर्यटक और एक स्थानीय नागरिक की मौत हो गई। शुरुआत में पहलगाम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। जम्मू.कश्मीर पुलिस की शुरुआती जांच के बाद, गृह मंत्रालय ने यह मामला एनआईए को सौंप दिया। बयान में कहा गया, एनआईए पाकिस्तान की उस पूरी साज़िश का पता लगाने के लिए मामले की जांच कर रही है, जो सीमा पार से भारतीय ज़मीन पर आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। यह बताना ज़रूरी है कि पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में, भारत ने 7 मई की सुबह एक सैन्य अभियान चलाया और पाकिस्तान तथा पीओके में मौजूद कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया।

