सोशल मीडिया पर नोटबंदी की खबर फर्जी: आरबीआई
भारत पोस्ट संवाददाता
नई दिल्ली। सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर इन दिनों एक पोस्टर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें दावा किया गया है कि 1 जुलाई 2026 से ₹10, ₹20, ₹50 और ₹100 के पुराने नोट बंद कर दिए जाएंगे। इस खबर ने आम जनता के मन में डर पैदा कर दिया है कि कहीं उनके पास रखे पैसे बेकार तो नहीं हो जाएंगे।
सोशल मीडिया पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र के लोगो का इस्तेमाल करके एक पोस्टर शेयर किया जा रहा है। इसमें कहा गया है कि आरबीआई ने पुराने नोटों को चलन से बाहर करने का फैसला किया है। वास्तविकता यह है कि यह पूरी तरह से फर्जी खबर है। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो ने इस वायरल दावे का ष्फैक्ट चेक किया है। आरबीआई के अनुसारए सरकार या आरबीआई की ओर से ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने भी ऐसी किसी आधिकारिक सूचना को जारी करने से साफ इनकार किया है।
अक्सर लोग पुराने नोटों की वैधता को लेकर भ्रमित हो जाते हैं. भारतीय रिजर्व बैंक समय.समय पर पुराने नोटों को सिस्टम से हटाता है, लेकिन इसे नोटबंदी नहीं कहा जा सकता. वर्तमान में आपके पास मौजूद ₹10, ₹20, ₹50 और ₹100 के सभी नोट पूरी तरह से वैध हैं। कई साल पहले आरबीआई ने 2005 से पहले छपे नोटों को धीरे.धीरे वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन वे अभी भी बैंकों में बदले जा सकते हैं। उनका वैध होना खत्म नहीं हुआ है, बस बैंक उन्हें वापस जमा करवाकर नए नोट जारी करते हैं।
सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें अक्सर क्लिकबेट पाने के लिए फैलाई जाती हैं. इसका असर यह होता है। लोग बिना सोचे.समझे अपने पास जमा कैश को बदलने के लिए बैंकों की ओर भागने लगते हैं। दुकानदार कई बार भ्रम के कारण पुराने दिखने वाले नोट लेने से मना कर देते हैं, जो कि गलत है। ऐसी खबरों के साथ कई बार फर्जी लिंक भेजे जाते हैं, जिनसे आपकी निजी जानकारी चोरी होने का खतरा रहता है।



