SIR खत्म के बाद मालदा जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में ‘भूतों’ का हुजूम!
मतदाता सूची में 'मृत' घोषित हजारों लोग अपनी मौजूदगी का सबूत लेकर पहुंचे
अजित प्रसाद,मालदा, पश्चिम बंगाल : मालदा जिला मजिस्ट्रेट (DM) कार्यालय परिसर शुक्रवार को एक अजीबोगरीब स्थिति का गवाह बना, जब वहां खुद को जीवित साबित करने के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। निर्वाचन विभाग की संशोधित मतदाता सूची में इन लोगों के नाम के आगे ‘डिलीट’ (हटाया गया) लिखा गया है, जिसका अर्थ तकनीकी रूप से इन्हें ‘मृत’ या ‘अनुपस्थित’ मान लेना है। इसी कारण खुद को ‘जीवित’ बताने आए इन हजारों ‘भूतों’ ने कार्यालय में भारी हलचल पैदा कर दी।संशोधित मतदाता सूची प्रकाशित होते ही जिले के विभिन्न ब्लॉकों के निवासियों में हड़कंप मच गया।
हजारों नागरिकों ने पाया कि उनके नाम सूची से काट दिए गए हैं। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि उन्होंने बीएलओ (BLO) के पास आधार कार्ड, राशन कार्ड और अन्य सभी वैध दस्तावेज जमा किए थे, फिर भी सूची में उन्हें ‘मृत’ दिखाकर नाम हटा दिया गया।अपनी नागरिकता और जीवन का प्रमाण देने के लिए ये लोग खुद चलकर जिला मुख्यालय पहुंचे हैं। हजारों की संख्या में पहुंचे लोग हाथों में फॉर्म और पहचान पत्र लिए नए सिरे से नाम शामिल करने की गुहार लगा रहे हैं। भीड़ इतनी अधिक थी कि प्रशासनिक अधिकारियों को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। पीड़ितों का कहना है कि यह उनकी पहचान और मताधिकार पर हमला है और वे तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक उनका नाम दोबारा सूची में नहीं जुड़ जाता।निर्वाचन विभाग की इस बड़ी चूक ने जिले की पूरी चुनाव प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगा दिया है। फिलहाल प्रशासन ने इन लोगों से दोबारा आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू की है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में नामों का कटना एक गंभीर तकनीकी या प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा कर रहा है।



