सेवारत शिक्षकों को टी०ई०टी० उतीर्ण करने की अनिवार्यता से मुक्त किए जाने को लेकर धरना और ज्ञापन
*बलवान सिंह ब्यूरो चीफ बाराबंकी* बाराबंकी । अखिल भारतीय शिक्षक संघ तथा उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ उ0 प्र0 के आवाहन पर जिलाध्यक्ष डॉ० राकेश सिंह के नेतृत्व में माननीय सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा 1 सितंबर 2025 को किए गए निर्णय के क्रम में सेवारत शिक्षकों के लिए टी०ई०टी० उत्तीर्ण करना अनिवार्य किए जाने के आदेश को मानवीय दृष्टि के आधार पर निरस्त किए जाने हेतु उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ बाराबंकी के समस्त ब्लॉकों के शिक्षक गन्ना संस्थान निकट सेंट एंथोनी स्कूल बाराबंकी के मैदान में हज़ारों की संख्या में एकत्र हुये और अपनी मांगो के लिये जोरदार प्रदर्शन किया । इस अवसर पर जिलाध्यक्ष डॉ० राकेश सिंह ने कहा कि समस्त सेवारत शिक्षक की नियुक्ति के समय जो मापदण्ड लागू थे वह पूर्ण करने के पश्चात ही प्रत्येक शिक्षक सेवा में है । आज हम सब जिलाधिकारी बाराबंकी के माध्यम से अपनी बात को रखने के लिए प्रधानमंत्री भारत सरकार, शिक्षा मंत्री भारत सरकार, मुख्यमंत्री उ०प्र० सरकार एवं बेसिक शिक्षा मंत्री उ०प्र० सरकार को ज्ञापन सौंपा गया । ज्ञापन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ उ0प्र0 के प्रान्तीय अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम में शिक्षक नियुक्त होने अथवा प्रोन्नति हेतु
टी ई टी उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया था । परंतु उससे पहले से नियुक्त शिक्षकों को भी टी ई टी उत्तीर्ण होने से संबंधित कोई आदेश नहीं था । भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा इस में शिक्षकों को कोई जानकारी नहीं दी गई और सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा गलत तथ्यों के आधार पर टी ई टी अनिवार्य किये जाने का आदेश जारी कर दिया गया। जिससे प्रदेश सहित पूरे भारत के लाखों लाख शिक्षकों की नौकरी खतरे में पड़ गई है। इसलिए ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री से सर्वाेच्च न्यायालय के आदेश में आवश्यक संशोधन करने हेतु पुनर्विचार किए जाने का अनुरोध किया जा रहा है।




